इटावा। प्रदेश सरकार के बजट में इटावा-कचौरा मार्ग से रूरा और असवा के बीच यमुना नदी पर प्रस्तावित पुल के लिए राशि नहीं मिल पाई है। इससे पुल की आस लगाए लोगों को फिर झटका लगा है। विधानसभा चुनावों में भाजपा ने इस पुल के निर्माण का वादा भी किया था, लेकिन तीसरे बजट में भी निराशा ही हाथ लगी है। पुल निर्माण से पछायगांव का जिला मुख्यालय से सीधा जुड़ाव हो जाएगा और आगरा की दूरी 25 किलोमीटर तक कम हो जाएगी।
रूरा गांव प्रतापनेर ग्राम पंचायत का मजरा है। यहां स्थित पिलुआ वाले महावीर मंदिर पर दूर दूर से भक्त पहुंचते हैं। मंदिर करीब 150 मीटर पीछे की ओर यमुना नदी है। मंदिर के पीछे से ही पुल प्रस्तावित है। अभी यमुना पार से असवा, बढ़पुरा, बाहुरी, उदी, मनकापुरा, अजबपुर, सरायताल, पछायगांव, पुरा मुरोंग, पुरा कीरत सिंह, पुरा निधान सिंह आदि गांवों के लोगों को 40 किलोमीटर का चक्कर लगाकर आना पड़ता है। इसी तरह रूरा, प्रतापनेर, धिमरई, राजा का बाग, परासनी, अनूप नगर, विजयपुरा, नगलाकांत, पूठन सकरौली, हरदासपुरा, भोगीपुरा, केवला, संगावली, टकपुरा, जगसौरा, नगरिया नया, नगरिया मूंज, नगरिया भाट, नया नगला समेत 50 गांव के लोगों को इटावा, उदी मोड़ होक जाना पड़ता है। इससे पछायगांव के लिए करीब 15-20 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है। मध्यप्रदेश के भिंड एवं कचौरा होकर राजस्थान के धौलपुर तक पहुंच जाएंगे। पुल निर्माण 100 गांवों का सीधा जुड़ाव हो जाएगा। उत्तरी छोर के करीब 50 गांवों के लोग राजस्थान और मध्यप्रदेश की सीमा से सीधे जुड़ जाएंगे। दक्षिणी ओर के इतने ही संख्या के गांव के लोगों को इटावा आने के लिए 40 किलोमीटर का चक्कर नहीं काटना पड़ेगा। वे आधा घंटे के समय में इटावा मुख्यालय आ सकेंगे। इस पुल की खासियत यह है कि यह इटावा के बीहड़ क्षेत्र के अति पिछडे़ क्षेत्रों को सीधे शहरों से जोड़ेगा। पुल से दोनों तरफ के 100 गांवों की लगभग एक लाख की आबादी सीधे तौर पर लाभांवित होगी।
इनसेट
ये है पुल निर्माण का प्रस्ताव
पुल की प्रस्तावित लागत 3030.97 लाख
एप्रोच की लंबाई 400 मीटर लागत 195.70 लाख
अतिरिक्त एप्रोच की लंबाई 1.14 किमी लागत 123.47 लाख
सुरक्षात्मक कार्यों की लागत 251.73 लाख
भृू अध्याप्ति की लागत 83.88 लाख
अन्य विविध 13.81 लाख
कुल परियोजना लागत 3699.56 लाख
पुल का प्रस्ताव बनाकर सेतु निगम मुख्यालय को भेजा जा चुका है। शासनस्तर से प्रस्ताव को स्वीकृति नहीं मिल पा रही है। शासन से स्वीकृत और बजट मिलते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
- नवाब सिंह, उप प्रबंधक परियोजना, सेतु निगम