बकेवर। ब्रिटिश हुकूमत में गुलजार रहने वाली लखना कस्बे के समीपवर्ती ग्राम करौंधी गांव के पास बनी भोगनीपुर नहर कोठी मौजूदा समय में खंडहर में तब्दील हो गई है। नहर कोठी का सामान गायब हो रहा है। समय रहते विभाग ने नहर कोठी को बचाने का प्रयास नहीं किया तो कोठी का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा।
ग्राम करौधी के नजदीक भोगनीपुर निचली गंगानहर झाल कोठी से एक एक ईंट गायब हो रही हैं। खिड़कियां दरवाजे वर्षों पहले ही अराजकतत्व उखाड़ ले गए थे।
ब्रिटिश शासन काल में बनी इस नहर कोठी में अंग्रेज अफसर अफसर आकर ठहरते थे। नहर कुलाबों से खेतों तक पानी पहुंचाने की रणनीति बनाते थे। अब यह कोठी भूत बंगला बन कर रह गई है। ग्रामीण बताते हैं कि नहर कोठी के आसपास आम, जामुन, नीम, आदि के पेड़ लगे थे। जो धीरे धीरे खत्म हो गए।
समाजसेवी रामनरेश त्रिपाठी बताते है कि नहर कोठी रखरखाव के अभाव में अपना अस्तित्व खो रही है। यह नहर कोठी जनपद के अन्य पुलों पर बनी नहर कोठियों से आज भी बेहतर है।
प्रशासन की उपेक्षा के चलते अब यह कोठी अराजक तत्वों व इश्क फरमाने वालों का केंद्र बन गया है। इस जगह को प्रशासन किसी सरकारी भवन के लिए प्रयोग करे तो यहां पर सबसे उचित रहेगा।