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पेट में पट्टी छूटने के मामले में चार डाक्टरों पर रिपोर्ट दर्ज

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मृतक रिंकी की फाइल फोटो - फोटो : ETAWAH
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इटावा। ऑपरेशन के दौरान महिला के पेट में पट्टी छोड़ने व उसकी मौत के मामले चार डॉक्टर दोषी पाए गए हैं। पुलिस ने मृतका के पति की तहरीर पर नर्सिंग होम संचालक पिता-पुत्री समेत चारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। अमर उजाला ने 24 जनवरी को पेट में पट्टी होने की जांच नहीं हो सकी पूरी, महिला की मौत शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद यह कार्रवाई हुई है।
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जसवंतनगर के भगवानपुरा गांव निवासी नरेश ने बताया कि सात अप्रैल 2020 को पत्नी रिंकी को प्रसव पीड़ा होने पर सिविल लाइन स्थित डॉ. ममता गुप्ता नर्सिंग होम में भर्ती कराया था।
जहां ऑपरेशन के दौरान पत्नी ने बेटे को जन्म दिया था। आरोप है कि मई में पत्नी के पेट में दर्द होने पर नर्सिंग होम की डॉ. अदिति गुप्ता को दिखाया। इसके बाद भी दर्द कम नहीं होने पर 29 सितंबर को जिला अस्पताल में सीटी स्कैन कराया।
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सीटी स्कैन रिपोर्ट में पेट में पट्टी छूटने की बात पता चली थी। जब उसने नर्सिंग होम के डॉ वीके गुप्ता व अदिति से शिकायत की तो उन्होंने पीटकर भगा दिया।
इसके बाद वह पत्नी को अलीगढ़ के अनूप शहर रोड स्थित पृथ्वीराज नर्सिंग होम ले गया। यहां पर डॉ. मलखान सिंह ने पेट में पट्टी होने की बात कहकर पत्नी का ऑपरेशन किया।
आरोप है कि डॉ. मलखान सिंह ने डॉ. वीके गुप्ता व अदिति से सांठगांठ की और रिपोर्ट देने से मना कर दिया। पेट में संक्रमण फैलने के कारण रिंकी की आंत बाहर आ गई थी।
पीड़ित ने मामले की शिकायत तत्कालीन डीएम व उसके बाद वर्तमान डीएम श्रुति सिंह से की थी। डीएम के निर्देश पर जिला अस्पताल में रिंकी का इलाज चला।
डीएम के निर्देश पर तत्कालीन सीएमओ डॉ. एनएस तोमर ने मामले की जांच के लिए डिप्टी सीएमओ डॉ. अवधेश कुमार यादव, सर्जन डॉ. पीयूष तिवारी व रेडियोलॉजिस्ट डॉ. परितोष शुक्ला की तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की थी।
टीम ने जांच कर रिपोर्ट सीएमओ व एडीएम को सौंपी थी। जांच के आधार पर रिंकी का ऑपरेशन करने के लिए नर्सिंग होम संचालक डॉ. वीके गुप्ता, उनकी बेटी अदिति, डॉ. मनोज यादव व रिपोर्ट गलत बनाकर देने पर अलीगढ़ के डॉ. मलखान सिंह के खिलाफ नरेश ने सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि चारों डाक्टरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। जांच कर मामले में कार्रवाई की जाएगी।
अस्पताल को नहीं थी ऑपरेशन करने की अनुमति
तत्कालीन सीएमओ डॉ. एनएस तोमर ने बताया था कि ममता हॉस्पिटल सर्जरी के लिए वैध नहीं है। न ही कभी हॉस्पिटल संचालक ने सर्जरी के लिए सीएमओ कार्यालय से अनुमति ली थी। हॉस्पिटल मेडिसन (दवा लिखने) के लिए रजिस्टर्ड है। डॉ. वीके गुप्ता एमडी हैं, सर्जरी नहीं कर सकते।

24 जनवरी को प्रकाशित खबर की फोटो- फोटो : ETAWAH

25 मार्च को प्रकाशित खबर की फोटो- फोटो : ETAWAH

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