इटावा। रोडवेज बस में 33 यात्री बिना टिकट मिलने के मामले में इटावा, मैनपुरी, शिकोहाबाद और औरैया डिपो के 15 अधिकारियों - कर्मचारियों को दोषी पाया गया है। इटावा के क्षेत्रीय प्रबंधक ने सभी के खिलाफ आरोपपत्र तैयार कर लखनऊ मुख्यालय भेजा है। आगे की कार्रवाई मुख्यालय से होगी।
गाजियाबाद के क्षेत्रीय प्रबंधक एके सिंह ने 28 जून को फरुर्खाबाद-इटावा मार्ग पर बेवर के कुशमरा के पास इटावा डिपो की बस चेक की थी। बस में 33 यात्री बिना टिकट पकड़े गए थे।
बस के संविदा चालक और परिचालक को बर्खास्त करने के साथ ही मार्ग पर नियमित बसों की जांच रने वाले सात एटीआई, बेवर के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक अपराजित श्रीवास्तव, इटावा के सहायक क्षेत्रीय प्रबंध राजीव कुमार शर्मा और इटावा के यातायात अधीक्षक अजय कुमार सक्सेना समेत कई कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया। विभागीय जांच औरैया डिपो के एआरएम को सौंपी गई थी।
क्षेत्रीय प्रबंधक इटावा दीपक चौधरी ने बताया कि निलंबित कर्मचारियों समेत 15 लोगों की लापरवाही व गड़बड़ी साबित हुई है। सभी के खिलाफ आरोपपत्र तैयार कर मुख्यालय लखनऊ भेजा गया है। आगे की कार्रवाई मुख्यालय स्तर से होगी। उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारियों को ईमानदारी से काम करना चाहिए, बसों में अंतर क्षेत्रीय जांच अभियान जारी है।
इनके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल
बस चालक शिशुपाल, परिचालक रामनरेश, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक इटावा राजीव कुमार शर्मा, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक बेवर अपराजित श्रीवास्तव, यातायात अधीक्षक इटावा क्षेत्र अजय कुमार सक्सेना, प्रभारी क्षेत्रीय चेकिंग दल अभय कुमार यादव, बीसी इटावा डिपो श्रवण कुमार, रवींद्र कुमार सिंह चौहान, सहायक यातायात निरीक्षक शिकोहाबाद डिपो संजय बाबू बघेल, सहायक यातायात निरीक्षक मैनपुरी डिपो प्रदीप कुमार मिश्रा, वरिष्ठ लिपिक इटावा डिपो श्याम कुमार दुबे, रवींद्र कुमार सिंह चौहान, सहायक यातायात निरीक्षक औरैया डिपो मनोज कुमार अवस्थी, सहायक यातायात निरीक्षक इटावा डिपो अवनि कुमार मिश्रा, अशोक कुमार सविता और संतोष कुमार राठौर।