पौधरोपण के नाम पर साढ़े बारह लाख रुपये के घोटाले के आरोपी विकास खंड कार्यालय ताखा के निलंबित लेखाकार धर्मेंद्र कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट लखनऊ में पेश किया। जहां से उसे लखनऊ जेल भेज दिया गया।
लेखाकार ने फर्म संचालकों के साथ मिल कागजों पर ही पौधरोपण दिखाकर 12 लाख रुपये हड़प लिए थे। नौ नवंबर 2020 को उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
लॉकडाउन के दौरान जब लोग कोरोना से लड़ रहे थे। उसी समय ताखा में तैनात लेखाकार धर्मेंद्र कुमार ग्राम पंचायतों में पौधरोपण के नाम पर कागजों में पौधे उगा रहे थे। लेखाकार ने अपने मनरेगा सहायक शिवशंकर व दो फर्मों के तीन संचालकों के साथ मिलकर खेल किया था।
सीडीओ राजा गणपति आर ने जांच में दोषी पाए लेखाकार को निलंबित कर दिया था। तत्कालीन खंड विकास अधिकारी ताखा पीएन यादव ने छह नवंबर 2020 को धर्मेंद्र सहित पांच लोगों के विरुद्ध भ्रष्टाचार अधिनियम के साथ अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था।
आरोपियों ने 12 नवंबर को गबन की गई राशि वापस मनरेगा खाते में जमा करा दी थी। मामले की जांच सीओ भरथना चंद्रपाल सिंह कर रहे हैं।
बीती रात पुलिस ने धर्मेंद्र को गिरफ्तार कर लिया और लखनऊ में भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में पेश किया। जहां उसे जेल भेज दिया गया।
बता दें आरोपी निलंबित लेखाकार पर एक और मुकदमा ऊसराहार थाने में दर्ज है। वह पशुशेड घोटाले का भी आरोपी है।