फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक रुपये में जिला अस्पताल में डायलिसिस

विज्ञापन
मरीजों को खान पान संबंधी बुकलेट प्रदान करतीं विधायक व जिलाधिकारी। - फोटो : ETAWHA
विज्ञापन
इटावा। जिला अस्पताल में सोमवार से एक रुपये में हीमो डायलिसिस की सुविधा शुरू हो गई। पहले दिन पांच मरीजों की डायलिसिस की गई। डायलिसिस यूनिट का सदर विधायक सरिता भदौरिया ने फीता काटकर उद्घाटन किया।
विज्ञापन

पहले दिन एक ही शिफ्ट हुई। मंगलवार को दो शिफ्टों में डायलिसिस होगी। इस मौके पर विधायक सरिता भदौरिया ने कहा कि जिला अस्पताल मेें लंबे समय से डायलिसिस की कमी महसूस की जा रही थी, जो अब पूरी हो गई है। इस सुविधा के शुरू होने से किडनी रोगियों को अब डायलिसिस के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। मात्र एक रुपये का पर्चा बनवाने और जरूरी जांचें कराने के बाद डायलिसिस होगी।
जिलाधिकारी जेबी सिंह ने मरीजों से बातचीत कर उनका हालचाल पूछा कि वह कब से डायलिसिस करा रहे हैं। मरीजों को बुकलेट वितरित की गई जिसमें खानपान के बारे में जानकारी दी गई है। ज्यादातर मरीजों ने बताया उनकी डायलिसिस सैफई में हो रही थी। अब उन्हें जिला अस्पताल भेजा गया है।
विज्ञापन

सीएमएस डॉ.एसएस भदौरिया ने बताया कि डायलिसिस यूनिट दस बेडों की है। इसे छह बेडों के साथ शुरू किया गया है। इनमें पांच निगेटिव टेस्ट वाली डायलिसिस और एक सिरो पॉजिटिव टेस्ट वाली डायलिसिस है, जो सबसे अलग कक्ष में है। सिरो पॉजिटिव टेस्ट वाली डायलिसिस में एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी और सी पॉजिटिव वाले मरीजों की डायलिसिस होगी। सभी मरीजों की डायलिसिस एक साथ होती है।
सप्ताह में तीन दिन डायलिसिस होगी। इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट सत्येंद्र नाथ शुक्ला, सीएमओ डॉ.अनिल अग्रवाल,डायलिसिस यूनिट को संचालित करने वाली हेरीटेज कंपनी के डायरेक्टर आरबी सिंह मौजूद रहे।
बताया जल्द ही यूनिट के लिए एक नोडल अधिकारी के रूप में एमबीबीएस डॉक्टर को नियुक्त किया जाएगा। डायलिसिस यूनिट में कुल सात लोगों का स्टाफ है। इनमें सेंटर प्रभारी सपन कुमार, ज्योति खड़का, लीड डायलिसिस टेक्नीशियन मीनू यादव, वरिष्ठ डायलिसिस टेक्नीशियन जीतू, डायलिसिस टेक्नीशियन सुनील कुमार, राहुल यादव, पूजा दोहरे, फेब्जा नुसरत शामिल हैं।
सीएमएस डॉ.एसएस भदौरिया ने बताया कि मशीन को डायलिसिस के टेक्नीशियन करते हैं। मरीज की कोहनी के पास दो निडिल लगाई जाती है। एक से ब्लड आता है दूसरे से ब्लड शरीर में जाता है। डायलिसिस में भले चार घंटे का समय लगता हो, लेकिन मरीज इस दौरान बातचीत ही नहीं कर सकता है बल्कि बैठकर खाना भी खा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें