फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संविद कर्मियों से वार्ता करने आएगी लखनऊ की टीम

विज्ञापन
विज्ञापन
इटावा। बहाली को लेकर 18 दिनों से धरने पर बैठे पूर्व सैनिक कल्याण निगम के 384 सुरक्षाकर्मियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। उनकी जगह पर नई कंपनी के 50 सुरक्षाकर्मियों को तैनाती दे दी गई है। मंगलवार को पुराने सुरक्षाकर्मी धरने से हट गए हैं, जबकि 192 संविदा कर्मचारी धरने पर डटे हैं।
विज्ञापन

उधर, इस मामले में शासन की टीम जल्द संविदा कर्मियों से बात करने आएगी। पूर्व सैनिक कल्याण निगम की ओर से 15 साल से 384 सुरक्षाकर्मी व 192 वार्ड ब्वॉय, लिफ्ट ऑपरेटर व सफाई कर्मचारी सेवाएं दे रहे थे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक सितंबर 2022 नई ठेका कंपनी को जिम्मेदारी देने का फैसला किया था। इसके विरोध में 18 दिन से कर्मचारी धरने पर बैठे थे। विवि प्रशासन और तहसील प्रशासन के समझाने किया था, लेकिन कर्मचारी मांगों पर अड़े थे। पूर्व सैनिक कल्याण निगम के कानपुर से आए सहायक प्रबंधक ने भी विवि प्रशासन से वार्ता की, लेकिन उसमें भी सफलता नहीं मिली।
इसके बाद सुरक्षाकर्मियों को सेवाएं खत्म करने और 192 कर्मचारियों पर विचार करने की जानकारी दी गई है। सचिव चिकित्सा शिक्षा श्रुति सिंह ने बताया कि वे जल्दी सैफई का दौरा करेंगी और धरना प्रदर्शन कर रहे संविदा कर्मचारियों से बातचीत करेंगी।
विज्ञापन

नई कंपनी निश्चल सर्विस सुविधा के मालिक निश्चल श्रीवास्तव ने बताया कि 1 सितंबर को हमारा अनुबंध हो गया है। कर्मचारियों के विरोध-प्रदर्शन के कारण मुझे हैंडोवर नहीं मिला है। हमारा टेंडर 3 साल के लिए 16 करोड़ 64 लाख रुपये का हुआ है। इसमें हम कुल 200 सुरक्षा गार्ड रखने के साथ ही सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे। 192 संविदा कर्मचारियों से हमारा कोई लेना देना नहीं है। हम सिर्फ सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाएंगे।
धरने पर बैठे 192 संविदा कर्मचारियों को फिर से समझने की कोशिश की जा रही है। कर्मचारी भ्रमित हैं। सिर्फ सुरक्षा गार्डों का ठेका बदला गया है। जो 192 कर्मचारी कार्यरत हैं, वे पूर्व सैनिक कल्याण निगम के माध्यम से ही कार्य करेंगे। जिन के वेतन भत्ते में कोई कटौती नहीं की जाएगी। किसी कर्मचारी को निकाला नहीं जाएगा।
विज्ञापन

- डॉ. प्रभात सिंह, कुलपति, आयुर्विज्ञान विवि
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें