इटावा। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पारुल श्रीवास्तव ने पांच साल पुराने ट्रेन में लूटपाट के मामले तीन लोगों को तीन-तीन साल की सजा सुनाई है। सभी पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर उन्हें छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ेगा।
जिला शासकीय अधिवक्ता शिव कुमार शुक्ला ने बताया कि औरैया के एरवाकटरा निवासी कमलेश कुमार ने जीआरपी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि वे अहमदाबाद में कपड़े की मिल में नौकरी करते थे। 19 जुलाई 2017 को घर के लिए निकले था। वे टूंडला में महानंदा एक्सप्रेस में अछल्दा जाने के लिए सवार हुए थे। भरथना रेलवे स्टेशन से तीन युवक उसी कोच में सवार हो गए थे। कुछ आगे ट्रेन चलने के बाद तीनों ने उसके साथ मारपीट कर 14 हजार रुपये लूट लिए थे।
अन्य यात्रियों के साथ भी मारपीट करके लूटपाट की थी। अछल्दा रेलवे स्टेशन के पहले ही तीनों चेन पुलिंग कर उतरने लगे। इस दौरान अन्य यात्रियों के साथ मिलकर एक युवक को पकड़ लिया। स्टेशन ले जाकर वहां तैनात जीआरपी सिपाही विनोद कुमार को सौंप दिया था। पूछताछ में उसने अपना नाम शिवम यादव निवासी भरथना बताया है। इटावा के जीआरपी थाने में शिवम व उसके दो साथी भरथना के सोनू और औरैया के बिधूना निवासी राम किशन उर्फ बौरा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई।
पुलिस ने दोनों को भी बाद में गिरफ्तार किया था। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम की कोर्ट में हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने तीनों को सजा सुनाई है।