सैफई। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में 17 महीने से बंद पड़े कॉर्डियोलॉजी डिपार्टमेंट में अब फिर से मरीजों को इलाज मिलना शुरू होगा। पेसमेकर खरीद की गड़बड़ियों के मामले में निलंबित किए गए कार्डियोलॉजी विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. समीर सर्राफ को बहाल कर दिया गया है।
करीब 17 महीने पहले विश्वविद्यालय में करोड़ों रुपये के बजट के बावजूद यहां निर्धारित कीमत से कई गुना महंगे पेसमेकर खरीदने के आरोप लगे थे। इस मामले में कुलपति प्रोफेसर डॉ. राजकुमार ने प्राथमिक जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट के डॉ. समीर सर्राफ को 23 मार्च 2021 को निलंबित कर दिया था। इस वजह से कॉर्डियोलॉजी डिपार्टमेंट बंद चल रहा था। अभी मरीजों को कानपुर और लखनऊ के लिए रेफर किया जा रहा है।
कुलपति डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि मरीजों के हितों को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय की कार्य परिषद की बैठक में डॉ समीर सर्राफ को बहाल करने का निर्णय लिया गया है। जब तक जांच कमेटी नतीजे पर नहीं पहुंचती है तब तक डॉ. समीर से विश्वविद्यालय में कार्य लिया जाएगा। आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।
डॉ. समीर ने डॉ. अमित पर लगाया था फंसाने का आरोप
डॉ समीर सर्राफ ने सीटीवीएस विभाग के प्रमुख डॉ अमित सिंह पर साजिश फंसाने का आरोप लगाया था। बाद में न्यायालय के आदेश पर डॉ. अमित सिंह के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया था।