भरेह गांव में पकड़े गए मगरमच्छ के साथ सेंक्चुअरी की टीम। संवाद
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चकरनगर। चंबल नदी से करीब आधा किलोमीटर दूर भरेह गांव में रविवार रात खेत में मगरमच्छ मिलने से हड़कंप मच गया। सेंक्चुअरी विभाग की टीम ने दो घंटे की मशक्कत के बाद 10.4 फीट लंबे और करीब 200 किलो वजनी मगरमच्छ को पकड़ा।
भरेह गांव निवासी किसान रामकुमार रविवार रात फसल की रखवाली करने के लिए खेत में बनी मचान पर लेटे थे। रात करीब नौ बजे खेत में हलचल दिखी। रामकुमार ने जंगली जानवर समझकर आवाज लगाई और फिर टॉर्च जलाकर देखा तो सामने भारी भरकम मगरमच्छ था। इस पर किसान ने शोर मचाया तो आसपास मौजूद किसान पहुंच गए। सूचना पर प्रधान राघवेंद्र प्रताप सिंह सेंगर ग्रामीणों के साथ पहुंचे और सेंक्चुअरी विभाग को जानकारी दी। विभाग की टीम ने दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद जाल डालकर मगरमच्छ को पकड़ लिया।
रेंजर हरि किशोर शुक्ला ने बताया वयस्क मगरमच्छ को चंबल नदी में छोड़ दिया गया है। रेस्क्यू टीम में वन दरोगा विष्णु पाल चौहान, सिद्धार्थ मौर्य, रोहित कुमार और अजय कुमार शामिल रहे। चंबल अभ्यारण्य के डीएफओ दिवाकर श्रीवास्तव ने बताया कि बाढ़ के बाद नदी के किनारे जानवरों का जाना कम हो जाता है। मगरमच्छ गाय, भैंस का गोबर खाते हैं। इस समय बाढ़ के कारण गाय, भैंस चंबल नदी किनारे नहीं जा रही हैं। इस कारण मगरमच्छ गांव की ओर आ रहे हैं।