इटावा। वन डिस्ट्रिक वन प्लान योजना में वस्त्रोद्योग को बढ़ावा देने के लिए जिले में मिनी सूत मिल की स्थापना का मामला मुख्यमंत्री स्तर तक पहुंच गया है। मुख्यमंत्री आदित्य नाथ योगी ने इस बारे में प्रमुख सचिव हथकरघा और वस्त्रोद्योग से रिपोर्ट मांगी है। मिनी सूत मिल की स्थापना उद्योग के लिए संजीवनी होगी। साथही मृतपाय होते जा रहे हथकरघा उद्योग को उड़ान भरने का अवसर मिलेगा।
जिले में हथकरघा वस्त्र का काम आजादी के समय से भी पहले से होता चला आ रहा है। वस्त्र उत्पाद की छोटी बड़ी कुल मिलाकर 222 व्यक्तिगत एवं सहकारी समितियां हैं। 2500 करघा संचालित हैं। समितियों में प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष लगभग 8000 व्यक्तियों को रोजगार प्राप्त हो रहा है। वस्त्र उत्पाद(हैंडलूम और पावरलूम) को जनपद का विशिष्ट उत्पाद माना गया है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वस्त्र उत्पाद के कारण इटावा की विशिष्ट पहचान है। इसी कारण से राज्य सरकार ने वस्त्र उत्पाद को ओडीओपी योजना में चयनित किया है।
सूत मिल की कमी बन रही है रोड़ा
वस्त्र उत्पाद में सूत की उपलब्धता प्रमुख है। इटावा में पहले कभी सूत मिल हुआ करती थी। तब यहां के बुनकरों को सस्ती दरों पर सूत मिल जाता था। करीब तीन दशक से सूत मिल बंद पड़ी है। अब बुनकरों को सूत मंगवाने के लिए मेरठ, दिल्ली सहित दूसरे प्रांतों पर निर्भर रहना पड़ता है। बाहर से सूत मंगाना महंगा पड़ता है। इसलिए प्रतिस्पर्धा में यहां बना वस्त्र उत्पाद अपेक्षाकृत महंगा हो जाता है। यदि मिनी सूत मिल यहंी स्थापित हो जाए तो इससे सूत सस्ता मिलने लगेगा। वस्त्र उत्पादों की डिमांड बाजार में बढ़ने लगेगी जिससे सीधा लाभ यहां के बुनकरों को मिलने लगेगा।
भाजपा विधायक ने उठाया है मामला
अमर उजाला ने इटावा में मिली सूत मिल की आवश्यकता पर जोर देते हुए ओडीओपी योजना में खबरें प्रकाशित कीं हैं। इसका संज्ञान लेकर भाजपा विधायक सरिता भदौरिया ने मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी को पत्र लिखा है। पत्र में ओडीओपी योजना का प्रत्यक्ष लाभ दिलाने के लिए सूत मिल की स्थापन कराए जाने की मांग की है। मुख्यमंत्री ने इस पत्र पर तीन दिन पहले प्रमुख सचिव हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग से रिपोर्ट मांगी है।
ठहराव की स्थिति होगी दूर
इटावा में हर साल 30 से 35 करोड़ तक सालाना कारोबार पिछले दस सालों से ठहराव की स्थिति में है। वैसे तो शासन ने ओडीओपी योजना में इटावा के वस्त्र उद्योग को शामिल कर लिया है। जनसुविधा केंद्र के नाम पर विकसित हो रहे क्लस्टर में मिनी सूत मिल को शामिल करने से ही यह कारोबार परवान चढ़ सकता है।
वस्त्र उद्योग को पहचान दिलाना सरकार की प्राथमिकता: विधायक सरिता भदौरिया
भाजपा सदर विधायक सरिता भदौरिया ने कहा कि ओडीओपी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकताओं में है। उत्पाद के लिए उद्योग की परिकल्पना का उद्देश्य यही है कि उसकी पहचान राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेेंगे। उद्यम से जुुड़े कारोबारियों की आर्थिक सेहत भी सुधरेगी। इटावा में वस्त्र उद्योग को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए यहां एक मिनी सूत मिल का होना बहुत जरूरी है। सूत मिल बन जाने से वस्त्र उद्योग से जुड़े कारोबार को पंख लग जाएंगे। मुख्यमंत्री के समक्ष इस प्रस्ताव को प्रस्तुत किया है। इस पर तीन दिन पहले सीएम ने प्रमुख सचिव हथकरघा और वस्त्रोद्योग से रिपोर्ट मांगी है। संवाद