इटावा। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से संचालित समूहों की महिलाओं ने गुरुवार को राष्ट्रीय पोषण माह अंतर्गत जागरुकता रैली निकाली। गर्भवती महिलाओं की गोदभराई और छह माह के बच्चों को अन्नप्राशन कराया गया।
जिला अधिकारी श्रुति सिंह के निर्देशन में राष्ट्रीय पोषण माह अंतर्गत कुपोषण को दूर करने की दृष्टि से एक बहु विभागीय अभिसरण मिशन चलाया जा रहा है। कुपोषण, जन्म के समय कम वजन और एनीमिया को कम करने के उद्देश्य को 2022 तक प्राप्त करने के लिए पोषण अभियान जनपद इटावा में संचालित किया जा रहा है। महिला और बाल विकास मंत्रालय ने पोषण अभियान को जन भागीदारी यानी जन आंदोलन बनाने की कल्पना की है।
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. राजा गणपति आर. ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की समूह की बैठक में प्रतिभागिता सुनिश्चित करते हुए पोषण वाटिका व कुपोषित बच्चों की देखभाल पर विशेष चर्चा की जा रही है। एनीमिया की रोकथाम के लिए स्कूल न जाने वाली किशोरियों को नीली आयरन की गोलियों का वितरण एवं स्वास्थ्य-पोषण देखभाल का परामर्श भी दिया जा रहा है।
उपायुक्त स्वरोजगार बृजमोहन अंबेड ने बताया कि गृह भ्रमण के दौरान छह से आठ माह तक के बच्चों में स्तनपान एवं ऊपरी आहार का प्रोत्साहन, किशोरियों को एनीमिया व खानपान के प्रति जागरूक करने का अभियान चलाया जा रहा है। जिला मिशन प्रबंधक एसएम सीबी नंदकिशोर साह ने कहा कि हिंदू परंपरा में गर्भावस्था के सातवें माह में गोद भराई की रस्म करने का विधान है। गोद भराई की यह रस्म बच्चे के उत्तम स्वास्थ्य की कामना के लिए की जाती है।
बीएमएम शशिलता, दशरथ सिंह, प्रवीण कुमार, सत्यजीत सिंह, धर्मेंद्र कुमार, मनीष सिंह, रीनू, केके चैधरी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। महिलाओं में अजुली, आरती शाक्य, रचना पुष्पा, अन्नपूर्णा, रानी, सुधा, अनिता अर्चना, प्रभा, पिंकी, लता, रीता मधुवाला, सुनीता यादव आदि ने सराहनीय कार्य किया।