इटावा। सड़कों पर दौड़ रहीं 427 टूरिस्ट बसों का दोबारा फिटनेस टेस्ट कराया जाएगा। इसके लिए एआरटीओ ने सभी बस मालिकों को नोटिस भेजे हैं। नोटिस मिलने के दस दिन के अंदर बसों का फिटनेस टेस्ट कराना होगा। अगर फिटनेश टेस्ट नहीं कराया तो परमिट निरस्त कर दिया जाएगा।
एआरटीओ में 458 टूरिस्ट बसों का पंजीकरण है। इसमें 427 टूरिस्ट बसें दिल्ली, जयपुर, इंदौर आदि शहरों के लिए जाती हैं। 31 बसों ने फिटनेस नहीं कराया, इस कारण ये चल रहीं हैं। 10 साल से कम समय वाली बसों को दो और इससे अधिक समय वाली बसों का प्रत्येक साल फिटनेस टेस्ट किया जाता है। ज्यादातर बसों का फिटनेस हो चुका है। कन्नौज हादसे के बाद सभी टूरिस्ट बसों की फिटनेस की जांच के लिए एआरटीओ ने निर्देश दिए हैं। इसके बाद एआरटीओ कार्यालय से सभी टूरिस्ट बस मालिकों को नोटिस भेजे दिए गए हैं। बस मालिकों को नोटिस मिलने पर 10 दिन में बस एआरटीओ इटावा लाकर फिटनेस टेस्ट कराना होगा। अगर टेस्ट नहीं कराया तो बस मालिक परमिट तीन माह के लिए निलंबित कर दिया जाएगा।
20 साल ही चल सकती हैं टूरिस्ट बसें
एआरटीओ ने बताया कि टूरिस्ट बस 20 साल सड़क पर चल सकती है। नई निकली बस को 10 साल के लिए ही टूरिस्ट बस का परमिट दिया जाता है। इस अवधि में प्रत्येक दो वर्ष में फिटनेस टेस्ट कराना जरूरी है। 11वें से 20 वर्ष तक बस को सवारी बस के लिए चलाया जा सकताहै। इस अवधि में प्रत्येक वर्ष फिटनेस कराना जरूरी है।
ये हैं टूरिस्ट बस में फिटनेस के मानक
टूरिस्ट बस में फिटनेस के समय प्रत्येक बस में स्पीड गवर्नर लगा होना चाहिए। इसमें 80 की स्पीड निर्धारित है। बस के टायरों की जांच होती है, प्रदूषण सर्टिफिकेट, बस में आकस्मिक विंडो का होना अनिवार्य होता है। बस में इंडीगेटर, लाइट, सीट की संख्या, चालक के सामने के शीशा पर किसी प्रकार का स्लोगन नहीं होना चाहिए।
टूरिस्ट बसों के मालिकों को नोटिस जारी किए गए हैं। जांच में सुरक्षा के जो मानक की जांच की जाएगी। अगर किसी बस में कमी मिली तो उसका परमिट निलंबित कर फिट कराने को कहा जाएगा। अगर तीन महीने में खामी ठीक नहीं कराई गई तो पंजीकरण निरस्त कर दिया जाएगा।
- सौरभ कुमार, एआरटीओ