इटावा। दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के व्यापारियों को इटावा के धान की किस्म ताज खूब पसंद आ रही है। चुकंदा, 1509 और 1718 किस्म का धान भी बाहर मंडियों में भेजा जा रहा है। अभी तक करीब चार लाख क्विंटल धान की खरीद मंडी में हो चुकी है।
ताज धान 2200 रुपये प्रति क्विंटल खरीदा जा रहा है। इसके बाद चुकंदा किस्म 2400 रुपये, 1509 किस्म 2800 रुपये और सबसे महंगा धान 1718 बिक रहा है। इसकी कीमत 3200 रुपये प्रति क्विंटल है। ये धान काफी महीन और खुशबूदार होता है। ताज महक के लिए जाना जाता है। जिले में इसकी पैदावार भी अच्छी होती है। बाहरी प्रदेशों में इसकी मांग तेजी से बढ़ी है।
नई मंडी सचिव अनिल कुमार ने बताया कि भरथना में डेढ़ लाख क्विंटल, नई मंडी में भी करीब डेढ़ लाख क्विंटल और जसवंतनगर में एक लाख क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है।
सरकारी केंद्रों में 15 तक खरीद तेज होने की उम्मीद
जनपद के धान खरीद केंद्रों में अभी सन्नाटा है। मंडी सचिव अनिल कुमार ने बताया कि आढ़त और क्रय केंद्रों पर बिकने वाले धान की गुणवत्ता अलग-अलग है। आढ़त पर महीन व क्रय केंद्रों पर मोटा धान खरीदा जाता है। ज्यादातर मोटा धान अभी खेतों में लगा है। इसकी कटाई में अगले हफ्ते से तेजी आने की उम्मीद है। 15 नवंबर तक सरकारी केंद्रों में खरीद तेज होगी।
फर्रुखाबाद रोड स्थित नई मंडी के खरीद केंद्र पर शनिवार को पहुंचे ग्राम भोजपुर के किसान सुरेश कुमार ने केंद्र प्रभारी राजेश कुमार को बताया कि कटाई चल रही है, पंजीकरण नहीं कराया है। उसकी जानकारी लेने आए हैं। उनके पास करीब 40 क्विंटल धान है। किसान विमल कुमार ने बताया कि उन्हें 20 क्विंटल धान बेचना है। इसके लिए पंजीकरण करा लिया है।
फसल कटने के बाद दोबारा संपर्क करेंगे। ग्राम नावली से आए किसान श्याम मुरारी ने बताया कि उनके पास मोटे धान की संकर फसल है। करीब डेढ़ हेक्टेयर में फसल बोई है। पंजीकरण के लिए जानकारी करने आए हैं।
क्रय केंद्र प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि धान 17 प्रतिशत सूखा होने पर खरीदा जा रहा है। इससे ऊपर होने पर किसानों से अच्छी तरह सुखाकर लाने की सलाह दे रहे हैं। साथ ही दाने टूटे और बदरंग न हों। पूरी तरह से साफ हों, तभी धान खरीदने योग्य होगा।