फोटो 01: गंदगी के बीच ठेले पर जंक फूड खाते लोग। संवाद
इटावा। बारिश में बच्चों में पेट संक्रमण का खतरा बढ़ा है। जिला अस्पताल में पहले बारिश से पहले जहां पेट के संक्रमण के मरीजों की संख्या 30 से 35 थी, वो वर्तमान में बढ़कर 60 से 70 पहुंच गई है। इसकी मुख्य वजह दूषित खान-पान होना सामने आई है। डॉक्टर जांच के बाद बच्चों को दवा के साथ बाहर की अपेक्षा घर का पौष्टिक खाना खाने की सलाह दे रहे हैं।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पीके यादव ने बताया कि बदलते मौसम में पेट संक्रमण के मरीज बढ़े हैं। इसमें बच्चों की संख्या अधिक है। इसकी वजह लगातार बाहर का खाना या अधिक जंक फूड का इस्तेमाल करना है। इससे बच्चों में पेट दर्द या इससे संबंधित बीमारियां। उन्होंने कहा कि बारिश अपने साथ बीमारियां लेकर आती है। दूषित पानी, सड़ी-गली सब्जियों का सेवन सेहत पर भारी पड़ सकता है। इन दिनों ज्यादा संख्या में बच्चे पीलिया से पीड़ित हो रहे हैं।
समय पर उपचार न मिलने पर यह जानलेवा भी हो सकता है। पीलिया की सबसे बड़ी वजह दूषित पानी या भोजन का सेवन है। कई बार लोग चिकित्सकीय उपचार छोड़ झाड़-फूंक में भी पड़ जाते हैं। हालांकि इससे जान भी जा सकती है। लिहाजा, पीलिया के लक्षणों का पता चलते ही तुरंत चिकित्सक से अपना उपचार करवाएं।
इन बातों का रखें ध्यान-
-जंक फूड का कतई इस्तेमाल न करें।
-घर पर रखा हुआ बासी भोजन न करें।
-बाजार की तली व मसालेदार खाद्य पदार्थ बिल्कुल न खाएं।
-खुले में बिकने वाली मिठाइयां व फल बिल्कुल न खरीदें।
-घर का ताजा व पौष्टिक आहार लें।
-पेट में दर्द होने पर घरेलू दवा न खाएं।
-डॉक्टर को दिखाकर ही दवा का सेवन करें।