गिहार नगर मोहल्ले में निर्माणाधीन कान्हा गोशाला का शुक्रवार को डीएम जेबी सिंह निरीक्षण किया।
रैंप, फर्श, टाइल्स आदि में अनियमितताएं पाए जाने पर जांच के निर्देश दिए। साथ ही अभिलेखों के साथ ईओ और जेई को कार्यालय में तलब किया।
शुक्रवार को डीएम जेबी सिंह ने एसडीएम इंद्रजीत सिंह, तहसीलदार गजराज सिंह के साथ नगर में निर्माणाधीन कान्हा गोशाला की ओर रुख किया। डीएम यहां पहुंचे तो मुख्यद्वार की रैंप की ढलान पर देखकर नाराजगी व्यक्त की।
उन्होंने नगर पालिका के जेई राजेश दीक्षित को रैंप को तोड़कर दोबारा बनवाने के निर्देश दिए। इसके बाद डीएम ने नक्शे के आधार पर बने कमरों और अन्य कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया।
गोवंशों के लिए तीन कतारों में बनी नादों में से एक कतार के मध्य कम दूरी पर भी नाराजगी जताई। गोवंशों के गोबर, मूत्र के लिए समीप ही बनाए गए गड्ढे पर असंतुष्टि की।
इंटरलॉकिंग के नीचे गिट्टी होने का दावा किए जाने के बाद डीएम ने खुदवाया तो गिट्टी नहीं मिली। इसी तरह कमरों के फर्श में मानक के विपरीत टाइल्स लगे होने पर भी कड़ी नाराजगी जताई।
डीएम ने अधिशासी अधिकारी राम आसरे कमल से कार्यों के भुगतान की जानकारी की तो सामने आया कि एक करोड़ 64 लाख की लागत से बनने वाली इस गोशाला के लिए शासन से तकरीबन 83 लाख रुपये की पहली किस्त भेजी गई थी।
इसमें अब तक 70 लाख रुपये का बतौर रनिंग भुगतान कर दिया गया है। इस पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए ईओ से पूछा कि बिना एसडीएम की जांच के भुगतान क्यों किया गया।
डीएम ने निर्माण कार्य में अनियमितता होने पर ईओ व जेई को अभिलेखों के लिए कार्यालय में तलब किया।
इस दौरान उप मुख्य पशु चिकित्साअधिकारी डॉ. मुकेश अग्रवाल, नायब तहसीलदार विशाल सिंह, वार्ड सभासद प्रतिनिधि दलवीर सिंह यादव, रामजी भदौरिया मौजूद रहे।