सड़कों पर छज्जा निकालकर यातायात में बाधा खड़ी करने वालों के खिलाफ पालिका तथा प्रशासन ने सख्त रवैया अपनाना शुरू कर दिया है। बीते दो सप्ताह से चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान में शनिवार को हाइवे पर गुरूतेगबहादुर ओवरब्रिज तथा शहर के सबसे व्यस्त क्षेत्र स्टेशन, बजरिया में दिन भर अतिक्रमण अभियान चला।
अभियान के दौरान अतिक्रमण तो हटा ही दिए गए, साथ ही जेसीबी मशीनों से सड़कों पर निकले छज्जे भी ढहा दिए गए। अभियान के दौरान काफी समय तक एडीएम ज्ञानेंद्र सिंह स्वयं मोर्चा संभाले रहे। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहा।
शनिवार को सुबह करीब 11 बजे प्रशासन के अधिकारी, पालिका अमले के साथा काजी पेट्रोलपंप के पास पहुंच गए। पहले ओवरब्रिज के पूर्व की ओर टायर की दुकानों के पास से अतिक्रमण हटाया गया। इसके बाद सेतु निगम द्वारा बनाए गए शेड भी तोड़ दिए गए।
इससे पहले चौधरी पेट्रोलपंप के पास से पालिका अतिक्रमण हटा चुकी है। यहां पर सड़क का निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया गया है। ओवरब्रिज पर सफाई करने के बाद अधिकारी पालिका अमले के साथ स्टेशन बजरिया क्षेत्र में पहुंचे। यहां पर कृष्णा बेकरी से अभियान शुरू किया गया तथा जेल बांउड्री के पास तक आधा सैकड़ा से अधिक अतिक्रमण जेसीबी मशीन से ढहा दिए गए।
स्टेशन बजरिया क्षेत्र में अस्थाई अतिक्र मण होने के कारण वाहनों का निकलना मुश्किल हो गया था। इस क्षेत्र में खड़ी होने वाली प्राइवेट बसों के लिए भी जेल वाले सैयद के पास जगह दी गई है। कुछ स्थानों पर हल्का विरोध भी दुकानदारों की ओर से किया गया जिसे प्रशासन ने अनसुना कर दिया। अतिक्रमण अभियान के दौरान पालिका की दो जेसीबी मशीनें काम करती रहीं। दो ट्रैक्टरों के माध्यम से मलबा हटाया गया।
अभियान में एडीएम ज्ञानेंद्र सिंह के अलावा अतिरिक्त मजिस्ट्रेट अमित भट्ट, सिटी मजिस्ट्रेट ईश्वरचंद्र, पालिका के अवर अभियंता किशोरी सिंह, एमएल सचान, संपत्ति कर अधिकारी जगजीवन राम, स्वास्थ्य निरीक्षक अशोक पाल, क्षेत्राधिकारी सदर सिद्धार्थ वर्मा, थानाध्यक्ष सिविल लाइन विनोद सिंह यादव, कोतवाल बलवीर सिंह गौर आदि के अलावा बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। एडीएम ने बताया कि शहर को अतिक्रमण से मुक्त करने के लिए अभियान जारी रहेगा।