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शास्त्री चौराहे से सेतु तक रास्ता साफ

Sat, 20 Dec 2014 12:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
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नगरपालिका ने शुक्रवार को अतिक्रमण अभियान चलाकर शास्त्री चौराहे से लेकर गुरुतेगबहादुर सेतु तक का रास्ता साफ कर दिया। इस दौरान कई बार यहां जाम की स्थिति बनी।
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अभियान में नौरंगाबाद की ओर का भी अतिक्रमण ढहा दिया गया। टीम के साथ पीएसी, पुलिस होने के कारण कोई अभियान का विरोध करने का साहस नहीं जुटा पाया। अभियान से करीब दो दर्जन से अधिक गरीब परिवार इस सर्दी में सड़क पर आ गए हैं।

शुक्रवार को पालिका के अधिशासी अधिकारी जनार्दन राय व सिविल लाइन थानाध्यक्ष विनोद यादव जेसीबी मशीन तथा पालिका के अमले के साथ शास्त्री चौराहे पर करीब 12 बजे पहुंच। सबसे पहले राजकीय इंटर कालेज की बाउंड्रीवॉल के किनारे से अस्थाई अतिक्रमण को हटाना शुरू किया।
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कुछ लोग विरोध में खड़े हुए लेकिन पुलिस के सख्ती करने पर ठंडे पड़ गए। जेसीबी मशीन से ट्टटर तोड़ दिए गए। इसके बाद आगे के लोगों ने खुद सामान निकालना शुरू कर दिया। करीब दो घंटे तक चली कार्रवाई में शास्त्री चौराहे से गुरुतेगबहादुर सेतु तक आधा सैकड़ा से अधिक अस्थाई अतिक्रमण हटा दिए गए।

यहां करीब पांच फीट तक सड़क पर अतिक्रमण था। इससे शहर के सबसे व्यस्त मार्ग पर कई बार जाम लग जाता था। कुछ लोगों ने गैराज खोलकर समस्या पैदा कर रखी थी। गुरुतेग बहादुर सेतु तक अतिक्रमण हटाने के बाद अभियान का रुख शास्त्री चौराहे से नौरंगाबाद चौराहे की ओर मुड़ गया।

इस रोड पर अतिक्रमणकारियों ने पहले ही अपना सामान हटा लिया था। बुलडोजर ने जो अतिक्रमण ढहाए उन्हें ट्रैक्टरों में भरकर फेंक दिया गया। बता दें कि बीते छह में पालिका के द्वारा दो बार अभियान चलाया जा चुका है, लेकिन अगले दिन पहले जैसी ही स्थिति हो जाती।

शहर के अंदर के आधा दर्जन से अधिक चौराहे ऐसे हैं जहां पर दिन भर जाम लगा रहता है। बाजार तक पहुंचने में घंटों लग जाता है।

घंटों तक लगा रहा जाम
अतिक्रमण अभियान के हाईवे पर वाहनों को निकलने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे अधिक परेशनी ट्रक तथा बसों को निकलने में हुई है। जाम लग जाने के कारण चालकों को गाड़ियां सड़क के किनारे खड़ी कर इंतजार करना पड़ा। करीब एक घंटे तक वाहनों का आवागमन प्रभावित रहा।

सैफई महोत्सव के कारण चला अभियान
अभियान के दौरान लोगों को आपस में यह चर्चा करते सुना गया है कि अभियान सैफई महोत्सव के कारण चला है। महोत्सव के दौरान तमाम वीआईपी इसी मार्ग से गुजरते हैं। जाम के कारण वीआईपी के वाहन फंस सकते थे। हालांकि पालिका के अधिकारी इसे रुटीन कार्रवाई बता रहे हैं।

पहले थीं पालिका की दुकानें
जीआईसी की बाउ़ड्रीवॉल के किनारे व सामने 1995 में पालिका के द्वारा 22 दुकानों का निर्माण कराया गया था। जून 2005 में चलाए गए अभियान में प्रशासन ने पालिका की दुकानों को तुड़वा दिया था। स्थान खाली देखकर लोगाें ने अतिक्रमण कर लिया है।
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