(फोटो संख्या 07) महानिदेशक विजय किरण आनंद को शिक्षकों की समस्याओं से अवगत कराते राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पदाधिकारी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। बेसिक शिक्षकों की समस्याओं को लेकर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने लखनऊ में हुंकार भरी। उन्होंने लखनऊ में धरना प्रदर्शन करने के बाद महानिदेशक वियज किरण आनंद से मिलकर शिक्षकों की समस्याओं का समाधान करने के लिए चर्चा की। साथ ही ही उन्हें एक ज्ञापन भी सौंपा।
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के कानपुर मंडल के महामंत्री संजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि प्रदेश संघर्ष समिति ने महानिदेशक स्कूल शिक्षा व बेसिक शिक्षक विजय किरण आनंद से लखनऊ में मुलाकात की। बताया कि महानिदेशक को शिक्षकों की समस्याओं को लेकर अवगत कराया गया है।
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश संघर्ष समिति प्रदेश कार्यसमिति एवं मंडलीय पदाधिकारियों ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत संगठन कार्यालय के सभागार में बैठक कर अधिकारियों की ओर से शिक्षकों की समस्याओं के निराकरण में बरती जा रही लापरवाही के विरुद्ध हुंकार भरी।
संघर्ष समिति के संयोजक रामलखन भार्गव ने कहा कि सरकार और विभागीय अधिकारी शिक्षकों की समस्याओं को कम तबज्जो दे रहे हैं। आश्वासनों की घुट्टी पीते-पीते अब इन्तहा हो गई है। अब शिक्षक आश्वासन नहीं आंदोलन की राह पर चलकर निराकरण कराकर ही दम लेंगे।
प्रदेश महामंत्री भगवती सिंह ने आंदोलन की रूपरेखा बताते हुए चरणबद्व तिथियों सहित कार्यक्रम घोषित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक एकजुट होकर आंदोलन की राह पर चलें। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया। वह दायित्वों के प्रति जितने सजग हैं उतने ही अपने अधिकारों की मांग को लेकर अग्रणी भूमिका का निर्वहन करें।
संगठन कार्यालय से बड़ी संख्या में संघर्ष समिति के सदस्य शिक्षक काफिले के साथ महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरण आनंद से मिलने लखनऊ के निशातगंज स्थित कार्यालय पहुंचे। प्रतिनिधिमंडल ने महानिदेशक को पूर्व में अब तक दिए गए ज्ञापनों की प्रतियां संलग्न कर आंदोलन की रणनीति एवं रूपरेखा संबंधी चरणबद्व कार्यक्रम सौंपा।
प्रदेश संयुक्त मंत्री शशांक कुमार पांडे ने महानिदेशक स्कूल शिक्षा से केंद्र के समान राज्य में पेंशन मेमोरेंडम लॉकर एक अप्रैल 2005 के पूर्व के विज्ञापन से नियुक्त शिक्षकों को भी पेंशन विकल्प चुनने का अवसर देने के लिए की गई। मांग पर कार्रवाई करने के लिए कहा।
महानिदेशक विजय किरण आनंद ने शिक्षकों को आश्वस्त किया कि वे उनकी समस्याओं के निदान के लिए प्रतिबद्ध हैं। 17,140 व 18,150 वेतनमान समस्याओं को शासन स्तर से शीघ्र हल कराने का आश्वासन दिया। एक अप्रैल 2005 से पूर्व विज्ञापित/प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षकों को पुरानी पेंशन लागू करने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि शासन स्तर से वित्तीय भार का आंकलन किया जा रहा है।
शीघ्र ही इसे लागू कराया जाएगा। कैशलेश चिकित्सा, पदोन्नति, स्थानांतरण/समायोजन के अलावा विभिन्न बिंदुओं पर भी चर्चा करते हुए अवगत कराया। प्रदेश अध्यक्ष अजीत सिंह ने कहा कि शिक्षक अब रुकने वाला नहीं है। जिला मुख्यालय पर क्रमश: ज्ञापन मार्च व सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
मंडल व प्रदेश स्तर पर आंदोलित होंगे। प्रदेश संरक्षक श्रीकृष्ण त्रिवेदी, प्रदेश सह संयोजक मातादीन द्विवेदी, प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीराम शुक्ला, प्रदेशीय मंत्री जितेंद्र कुमार त्रिपाठी, कानपुर मंडल अध्यक्ष प्रताप कटियार, मंडल महामंत्री संजय कुमार त्रिपाठी, मंडल उपाध्यक्ष पुष्पा सिंह शर्मा आदि मौजूद रहे।