सहायक अध्यापक रेखा चंदानी और प्रधानाध्यापिका रेनू त्रिपाठी। संवाद
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बकेवर। बजट की वजह से संसाधन न होने का रोना रोने वाले शिक्षकों के लिए महेवा के लुधियानी परिषदीय विद्यालय की दो शिक्षिकाएं मिशाल बनी हैं। इन दोनों शिक्षिकाओं ने अपनी ओर से एक लाख रुपये खर्च कर स्कूल परिसर में एजूकेशनल पार्क बनवाया है। इसमें रंगीन स्थाई चित्रण और लोहे की पट्टियों पर हिंदी, अंग्रेजी के व्याकरण के नियम लिखवाकर बच्चों को पढ़ाया जाता है।
लुधियानी उच्च प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापिका, दो सहायक शिक्षक और दो अनुदेशक समेत कुल पांच शिक्षक तैनात हैं। इनमें से प्रधानाध्यापिका रेनू त्रिपाठी की 2077 में तैनाती हुई थी। इसके बाद 2015 में सहायक अध्यापिका के रूप में रेखा चंदानी तैनात हुईं थीं। रेखा ने स्कूल में बच्चों के लिए कुछ बदलाव करने की ठानी। इसके लिए उन्होंने प्रधानाध्यापिका से चर्चा की। उन्हें स्कूल में एक एजूकेशनल पार्क बनवाने की सलाह दी। सहायक अध्यापिका की योजना उन्हें पसंद आई। शासन से लिए बजट मांगा, लेकिन कोई व्यवस्था नहीं हुई। इस पर दोनों ने छह साल की मशक्कत के बाद एक लाख रुपये की लागत से एजूकेशनल पार्क बनवा दिया। इस पार्क में बच्चों को किताबी ज्ञान से हटकर प्रयोगात्मक ज्ञान की सुविधा उपलब्ध कराई गई। हरे-भरे पार्क में जमीन पर रंगीन ग्राफ बने हुए हैं। रंगीन लोहे की पट्टिकाओं पर हिंदी और अंग्रेजी का व्याकरण लिखा गया है।
सहायक शिक्षिका रेखा चंदानी बताती हैं कि वह 2009 में लखनऊ में रहकर नेट की तैयारी कर रहीं थीं। इस दौरान उन्होंने पुरनिया चौराहे पर सन सिटी एजूकेशनल पार्क देखा था। तभी से उनके दिमाग में स्कूली बच्चों के लिए इस तरह का पार्क बनवाने का विचार आया था। पार्क में जीव विज्ञान से जुड़े कई चित्र बने हैं। उत्सर्जन तंत्र, श्वसन तंत्र, पादक कोशिका, जंतु कोशिका, ज्वालामुखी के साथ ही गणित की रेखाखंड को भी रंगीन पत्थरों के चित्रण से दिखाया गया है।