फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बच्चों की यूनिफार्म बनाने में भ्रष्टाचार, डीएम ने रोका भुगतान

विज्ञापन
विज्ञापन
इटावा। कोरोना काल में रोजगार के तौर पर राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को मिला बच्चों की स्कूल यूनिफार्म की सिलाई का काम भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। मंगलवार को तैयार किए गए यूनिफार्म की पहली खेप विभाग के पास आई तो कपड़े की गुणवत्ता देख डीएम जेबी सिंह ने नाराजगी जताई। डीएम ने सभी यूनिफार्म को वापस करवाकर इसका भुगतान रोक दिया।
विज्ञापन

उन्होंने इसके लिए जिम्मेदार अफसरों और शिक्षा समितियों की भूमिका की जांच के निर्देश दिए हैें। डीएम जेबी सिंह ने बताया कि प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों की छात्र-छात्राओं के यूनिफार्म की सिलाई का काम स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को दिया गया है। इसके लिए जिले भर की शिक्षा समितियों को कपड़े खरीदकर समूह को उपलब्ध करवाने हैं। मानक के अनुसार 67 फीसदी पॉलीस्टर और 33 फीसदी कॉटन मिक्स विमल या मफतलाल कंपनी के कपड़ों से यूनिफार्म तैयार की जानी है। मंगलवार को कुछ समूह की ओर से तैयार किए गए यूनिफार्म की सप्लाई की गई। इनकी जांच की गई तो गुणवत्ता काफी खराब मिली। इस पर कपड़े देने वाली शिक्षा समितियों के अध्यापकों से पूछताछ की गई तो पता चला कि कमीशनखोरी और बचत के चक्कर में बेहद घटिया किस्म के सस्ते कपड़े खरीदेे गए। इसमें कुछ कपड़े इटावा में स्थानीय स्तर पर तैयार किए गए भी पाए गए। उन्होंने बताया कि फिलहाल समूह से यूनिफार्म की सप्लाई बंद करके इनका भुगतान रोक दिया गया है। अभी तक किए भुगतान की वसूली के साथ जांच के लिए एक टीम भी गठित कर दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें