इटावा। खान-पान में लापरवाही और बदलती जीवनशैली से लोग गैस्ट्रिक मर्ज का शिकार हो रहे हैं। जिला अस्पताल में ऐसे मरीजों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। गैस का सीने तक दर्द पहुंचने से लोगों में हार्ट अटैक का डर बढ़ रहा है। यही वजह है कि जिला अस्पताल में प्रतिदिन ओपीडी में आने वाले लगभग 50-60 मरीज ईसीजी करा रहे हैं। इनमें से लगभग 70 प्रतिशत मरीजों का हार्ट सही मिल रहा है। सिर्फ गैस की समस्या की वजह से दर्द होने की बात सामने आ रही है।
फिजिशियन डॉ. अजय शर्मा ने बताया कि गैस्ट्रिक की समस्या वाले मरीजों में 25 से 45 वर्ष के लोग अधिक हैं। लोग घबराहट और संशय के कारण जांच के लिए जोर देते हैं और उनकी संतुष्टि के लिए डॉक्टर भी ईसीजी की सलाह दे देते हैं। हार्ट अटैक का दर्द सीने के बीचों-बीच होता है जो धीरे-धीरे बाएं हाथ, गर्दन या जबड़े तक जाता है।
इसके साथ पसीना आना और सांस फूलना गंभीर संकेत हैं। पेट के ऊपरी हिस्से और सीने के निचले हिस्से की नसें आपस में जुड़ी होती हैं। जब एसिड रिफ्लक्स या गैस की समस्या होती है तो सीने में जलन और दबाव महसूस होता है। चूंकि हार्ट अटैक के प्रारंभिक लक्षण भी सीने में दबाव और बेचैनी ही होती हैं इसलिए दोनों में अंतर नहीं कर पाते और उसे हार्ट अटैक का संकेत समझ बैठते हैं।
डॉ. शर्मा ने बताया कि नियमित योग व संतुलित आहार न लेने से लोगों को गैस आदि की दिक्कतें होती हैं। सीने में चुभन का कारण मांसपेशियों में खिंचाव, फेफड़ों में संक्रमण, एसिडिटी या बहुत अधिक तनाव भी होता है। जरूरी है कि समय पर खाएं, फास्ट फूड से बचें। खाना खाने के बाद जरूर टहलें।