ग्रामीण इलाकों के खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने के लिए केंद्र सरकार ने खेलो इंडिया खेलो योजना संचालित की है। योजना में ब्लॉक स्तर और जिले स्तर पर पांच विधाओं (दौड़, कबड्डी, वॉलीबाल, वेट लिफ्टिंग और कुश्ती) की प्रतियोगिताएं कराई जानी थी।
इन प्रतियोगिता में उभरने वाले खिलाड़ियों का चयन यूपी टीम व राष्ट्रीय टीम में किया जाना था, लेकिन केंद्र सरकार ने योजना में कोई भी बजट जारी नहीं किया। इस वजह से खेलो इंडिया खेलो योजना दम तोड़ती नजर आ रही है। वहीं, खिलाड़ियों की प्रतिभाओं को ऊंचाई नहीं मिल सकी है। इससे खिलाड़ियों का मनोबल गिरता जा रहा है।
कामनवेल्थ गेमों में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने व ग्रामीण इलाके के खिलाड़ियों को ऊंचाई प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार ने युवा कल्याण विभाग से खेलो इंडिया खेलो योजना चलाई थी। इसके तहत हर गांव में खेल के मैदान तैयार किये जाने है।
इस योजना में ब्लॉक स्तर पर पांच विधाओं की प्रतियोगिता कराई जानी थी। उसमें विजयी होने वाले प्रतिभागियों को जिला स्तरीय प्रतियोगिता में शामिल किया जाना था। ग्रामीण खिलाड़ियों के अंदर छुपी प्रतिभा को उभारने के लिए खेल मंत्रालय ने जनपद में चकरनगर के सिंडौस, बढ़पुरा के बहुरी और भरथना के निनावा में स्टेडियम तैयार कराये जाने का निर्णय लिया था।
शासन की मंशा के अनुरूप युवा कल्याण विभाग ने तीन स्टेडियम को तैयार करने के लिये करीब साढ़े 16 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को दिसंबर 2018 में युवा कल्याण निर्देशक को भेजे थे। लेकिन अभी तक शासन की ओर से विभाग को कोई पैसा नहीं मिला है
जिला युवा कल्याण अधिकारी हरिचंद्र तिवारी ने बताया कि खेलो इंडिया योजना में सरकार की ओर से कोई पैसा नहीं मिला। उनका प्रदेश सरकार की ओर से ब्लॉक स्तर पर 12000 रुपये दिया गया था। इसके तहत युवा कल्याण विभाग ने प्रतियोगिताएं भी आयोजित की थी। इसमें जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रतियोगिताओं का शुभारंभ किया था, लेकिन खेलो इंडिया खेलो योजना में केन्द्र की ओर से कोई पैसा नहीं आया है।