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डीएम आवास पर कार्यरत सफाईकर्मी की मौत से बबाल

Thu, 21 Apr 2016 12:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
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नौरंगाबाद चौराहा पर जाम लगाए सफाई कर्मचारियों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला
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मंगलवार रात डीएम आवास पर कार्यरत सफाईकर्मी की मौत से सफाई कर्मियों में उबाल आ गया। बुधवार सुबह आक्रोशित सफाई कर्मियों ने नगर पालिका गेट के पास धरना दिया। बाद में नौरंगाबाद चौराहा पर जाम कर दिया।
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उनका आरोप था कि सफाईकर्मी की मौत डीएम आवास पर ड्यूटी के दौरान की गई मारपीट से हुई है। उनकी मांग थी कि मृतक के परिजनों को 25 लाख रुपये मुआवजा दिलाया जाए और मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाए।


जाम की सूचना पर एडीएम व सीओ सिटी के अलावा पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गया। एडीएम को आक्रोशित लोगों को समझाने में काफी मसक्कत करनी पड़ी। 20 लाख के मुआवजे, पैनल के जरिए पोस्टमार्टम कराए जाने तथा मामले की जांच कर मारपीट करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई कराए जाने के आश्वासन पर चार घंटे बाद जाम खुल सका।
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मोहल्ला गाड़ीपुरा निवासी राजेश कुमार (35) पुत्र रामबाबू डीएम आवास पर सफाईकर्मी के रूप कार्यरत था। मंगलवार सुबह वह ड्यूटी पर गया था। मृतक राजेश कुमार की पत्नी सुधा के अनुसार अपरान्ह चार बजे पुलिस के दो सिपाही राजेश को घर पर छोड़कर चले गए।


राजेश के शरीर पर चोटों के निशान थे। हालत काफी गंभीर थी, जब उससे पूछा तो उसने बताया कि डीएम आवास पर उसके साथ पिटाई की गई। घर पर ही किसी तरह से मरहम आदि लगाया, लेकिन जब रात आठ बजे हालत बिगड़ी तो उसको लेकर जिला अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।


राजेश की मौत होने की खबर जैसे ही सफाई कर्मियों को हुई तो उनमें आक्रोश फैल गया। एकत्रित सफाई कर्मियों ने डीएम आवास का घेराव किया और कार्रवाई की मांग की। डीएम आवास के घेराव की सूचना पर एसडीएम सदर महेंद्र सिंह, एसओ सिविल लाइन ज्ञानेंद्र सिंह व कोतवाल विनोद यादव मय फोर्स के मौके पर पहुंचे और लोगों को समझा बुझाकर शांत करा दिया।


सुबह होते ही सफाई कर्मचारी राजेश कु मार के मकान पर एकत्रित होने लगे। बाद में डीएम के खिलाफ नारे लिखी तख्तियां लेकर नगर पालिका परिषद के गेट पर धरना दिया। कुछ देर धरना देने बाद वह नौरंगाबाद चौराहा पहुंच गए और जाम लगा दिया। इससे लोगों का आवागमन अवरुद्ध हो गया। सफाईकर्मियों के आंदोलित होने की जानकारी मिलने पर भाजपा नेता मनीष यादव पतरे, भाजपा सभासद शरद बाजपेई तथा सपा नेता मुकेश यादव मौके पर पहुंच गए।


नगर पालिका चेयरमैन कुलदीप गुप्ता संटू ने सफाई कर्मचारियों से बात की। जाम लगने पर कोतवाल विनोद यादव पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग मांग कर रहे थे कि मृतक के परिजनों को 25 लाख का मुआवजा दिया जाए तथा मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ मामला दर्ज कराकर कार्रवाई की जाए।


जाम लगने की सूचना पर एडीएम ईश्वरचंद्र तथा सीओ सिटी शिवराज सिंह मौके पर पहुंच गए। उन्होंने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन सफाईकर्मी अपनी मांग से पीछे हटने को तैयार नहीं हुए। चार घंटे तक चली रस्साकसी के बाद एडीएम से मिले 20 लाख रुपये का मुआवजा दिलाए जाने, जांच कराकर दोषियाें के खिलाफ कार्रवाई कराने क े आश्वासन पर जाम खोला गया।


बाद में एसडीएम की मौजूदगी में मोर्चरी में रखे गए राजेश के शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मृतक की पत्नी सुधा देवी ने डीएम आवास पर तैनात अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट कर हत्या कर दिए जाने की तहरीर दी गई है। कोतवाल ने कहा कि मामला दर्ज किया जा रहा है।
 
चार हजार रुपये चोरी की चर्चा- इटावा। डीएम आवास पर कार्यरत सफाई कर्मचारी की मौत होने का कारण परिजन डीएम आवास पर उसकी पिटाई होने आरोप लगा रहे हैं, लेकिन पिटाई क्यों की गई। इसका कोई जवाब परिजनों के पास नहीं था।


हालांकि लोगों में चर्चा जरूर थी कि डीएम आवास पर सफाई करने के दौरान राजेश को चार हजार रुपये चोरी के शक में मारपीट किए जाने की बात कही जाती रही। यद्यपि इस संबंध में जब डीएम नितिन बंसल से इस बारे में पूछा गया तो उनका कहना रहा कि उन्हें ऐसी कोई जानकारी नहीं है। इस मामले की पूरी जांच कराई जाएगी, जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।


जाम खुलवाने में एडीएम के छूटे पसीने- इटावा। सफाईकर्मी राजेश की मौत को लेकर सफाईकर्मियों द्वारा नौरंगाबाद चौराहा पर लगाए गए जाम को खुलवाने में एडीएम सहित अन्य अधिकारियों के पसीने छूट गए। नौरंगाबाद चौराहा पर सुबह साढ़े सात बजे जाम लगा दिया गया था। दो घंटे तक तो कोतवाल विनोद यादव जाम खुलवाने के प्रयास में सफाईकर्मियों के लिए जूझते रहे। साढ़े आठ बजे सीओ सिटी शिवराज सिंह भी पहुंच गए।


उन्होंने भी प्रयास किया, मगर सफलता नहीं मिली तो उच्च अधिकारियों को सूचना दी। सवा नौ बजे एडीएम ईश्वरचंद्र पहुंचे। उन्होंने आश्वासन दिया कि 20 लाख का मुआवजा दिलाया जाएगा। साथ ही जांच करा जाने की बात भी स्वीकार ली। जाम खुलता कि सफाईकर्मचारियों के कुछ नेताओं ने 20 लाख की धनराशि नगद देने की बात कहकर मामले को उलझा दिया। काफी मसक्कत के बाद सफाईकर्मी राजी हुए और साढ़े ग्यारह बजे जाम खुल सका।
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