इटावा। पंचायत चुनावों के आरक्षण में हाईकोर्ट के आदेश के बाद फिर से कवायद की जा रही है। जिला पंचायत अध्यक्ष का पद तो अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित रहेगा। इसमें कोई फेरबदल नहीं हो सका है। जिला पंचायत सदस्यों, क्षेत्र पंचायत प्रमुख, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य के पदों का नए सिरे से आरक्षण किया जा रहा है। जिला पंचायत राज विभाग में आरक्षण प्रक्रिया निर्धारित करने पर तेजी से काम हो रहा है।
वहीं अपनी सीट सुरक्षित रखने की संभावनाओं को तलाशने के लिए कई दावेदार कभी नेताओं की चौखट पर तो कभी विकास भवन की दहलीज पर चक्कर काट रहे हैं। हर किसी को अपने सीट के आरक्षण की स्थिति को जानने की उत्सुकता है। वहीं पंचायत राज विभाग चारों तरह के पदों के आरक्षण का निर्धारण करते हुए 20 मार्च को सूची जारी करेगा।
पूर्व में शासन की नीति के अनुसार पदों पर आरक्षण किया गया था। 2 मार्च को जारी हुई सूची पर लगभग 370 आपत्तियां दर्ज कराई गई थी। इनमें सबसे ज्यादा 300 आपत्तियां ग्राम प्रधान के पदों पर आरक्षण के संबंध में थी। पंचायत राज विभाग ने सभी आपत्तियों का निस्तारण कर दिया। इसके बाद 15 मार्च को आरक्षण की अंतिम सूची जारी होने थी। सूची जारी होने से ठीक पहले हाईकोर्ट ने सूची जारी करने पर रोक लगा दी।
इसके बाद हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने 1995 के आरक्षण के बजाय 2015 में किए गए आरक्षण को आधार मानते हुए चक्रानुक्रम में आरक्षण सूची तैयार करने के आदेश दिए।
जिला पंचायत राज अधिकारी यतेंद्र सिंह ने बताया कि शासन के आदेशानुसार जिला पंचायत अध्यक्ष का पद अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। इसके अलावा अन्य पदों का आरक्षण 20 मार्च को जारी किया जाएगा। आरक्षण का निर्धारण करने की प्रक्रिया समय रहते पूरी कर ली जाएगी। आरक्षण की अंतिम सूची 26 मार्च को जारी कर दी जाएगी।
यह है आरक्षण प्रक्रिया का कार्यक्रम
आरक्षण का निर्धारण- 17,18 एवं 19
आरक्षण सूची जारी - 20 से 22 मार्च तक
आपत्तियों दाखिल करने का समय- 20 से 23 मार्च तक
आपत्तियों का निस्तारण- 24 और 25 मार्च को
अंतिम सूची जारी करने का समय- 26 मार्च