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Etawah News: सैलरी रोकने पर सीएचसी के डॉक्टर व अधीक्षक में विवाद

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इटावा/ताखा। सरसईनावर सीएचसी में तैनात डॉ. शैलजा के पति डॉ. सुशील यादव और सीएचसी अधीक्षक डॉ. उदय प्रताप सिंह के बीच विवाद हो गया। सीएचसी अधीक्षक ने परिसर में आकर अभद्रता करने और अपहरण करने के प्रयास का आरोप लगाया। वहीं डॉ. सुशील यादव का आरोप है कि अधीक्षक मनमानी कर रहे हैं और उनकी पत्नी की सैलरी को रुकवा दिया है। सीएचसी अधीक्षक ने ऊसराहार थाने में तहरीर दी है।
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सरसईनावर सीएचसी में गायनोलॉजिस्ट के पद पर डॉ. शैलजा तैनात हैं। उनका आरोप है कि सीएचसी अधीक्षक डॉ. उदय प्रताप ने उनकी छह माह की सैलरी रुकवा रखी है। वहीं, सीएचसी अधीक्षक का कहना है कि शासन की मंशा के अनुसार, डॉ. शैलजा को साल में 60 ऑपरेशन करने थे। उनकी ओर से सिर्फ तीन ही ऑपरेशन किए गए। यह मामला जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में उठने पर डीएम साहब ने जांच बैठाई थी। इसमें इनके अस्पताल में कम आने की पुष्टि होने पर सीएमओ साहब के स्तर से सैलरी रोकी गई है।
इस मामले को लेकर शनिवार को डॉ. शैलजा के पति डॉ. सुशील यादव सीएचसी पहुंचे। यहां डॉ. उदय और उनका विवाद हो गया। डॉ. उदय ने उन पर अभद्रता करने और अपहरण के प्रयास का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी है। वहीं, डॉ. सुशील का आरोप है कि डॉ. उदय ने उन्हें बंधक बनाने का प्रयास किया है। वह मनमानी करके पत्नी डॉ. शैलजा की सैलरी रुकवाए हुए हैं। आरोप है कि इसे लेकर उनके अकाउंटेंट की ओर से रिश्वत भी ली गई। इसके बावजूद सैलरी नहीं निकाली गई। इसे लेकर बात करने आए थे। मुझ पर लगाए गए सभी आरोप गलत हैं। वहीं, डॉ. उदय ने भी कहा कि उन पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। ऊसराहार थानाध्यक्ष बेचन सिंह ने बताया कि सीएचसी अधीक्षक की ओर से तहरीर मिली है। मामले की जांच की जा रही है।
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