इटावा। अमर उजाला फाउंडेशन और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को जीआईसी में दिव्यांगता परीक्षण शिविर का आयोजन होगा। सुबह 10 बजे से शाम तक एलिम्को की टीम दिव्यांगों को सहायक उपकरण के लिए चिह्नित करेगी। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की टीम दिव्यांगों के प्रमाण पत्र भी बनाएगी।
दिव्यांगों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन और अमर उजाला की ओर से बड़ी पहल की गई है। इसके तहत राजकीय इंटर कॉलेज के परिसर में मंगलवार सुबह 10 बजे से एलिम्को की टीम दिव्यांगों को सहायक उपकरण देने के लिए परीक्षण किया जाएगा।
वहीं, जिनके पास प्रमाण पत्र नहीं हैं, उनके प्रमाण पत्र भी बनवाए जाएंगे। मेडिकल बोर्ड में नेत्र चिकित्सक, अस्थि रोग के डॉक्टर, ईएनटी और मानसिक रोग चिकित्सक मौजूद रहेंगे। इसमें 22500 रुपये से कम प्रतिमाह आय वाले लोग पात्र होंगे। सभी को अपने साथ आय प्रमाण पत्र लाना जरूरी है। राजस्व विभाग का आय प्रमाण पत्र न होने की स्थिति में प्रधान, सभासद, चेयरमैन, विधायक, सांसद से भी बनवाकर लाया गया प्रमाण पत्र मान्य होगा।
एलिम्को की टीम से चिह्नित किए जाने वाले पात्रों को अमर उजाला की तरफ से कानपुर में होने वाले दिव्यांग मेले में बुलाकर सहायक उपकरण दिए जाएंगे। उपकरणों में मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल से लेकर दिव्यांगों के लिए स्मार्ट फोन तक के लिए चिह्नित किया जाएगा।
एलिम्को से परीक्षण कराने के लिए ये लोग मान्य
एलिम्को से परीक्षण कराने के लिए दिव्यांग के पास प्रमाण पत्र होना चाहिए। साथ ही उसकी यूडीआईडी, प्रमाण पत्र विकलांगत विभाग की साइट पर ऑनलाइन भी होना चाहिए। आधार कार्ड भी लाभार्थी के पास होना आवश्यक है। महीने में 22,500 रुपये तक की आय का प्रमाण पत्र भी आवश्यक है। बच्चों के अभिभावकों को यह प्रमाण पत्र देना होगा। राजस्व विभाग से यह प्रमाण पत्र न बना होने की स्थिति में व्यक्ति प्रधान, सभासद, चेयरमैन, विधायक और सांसद से भी बनवाया गया प्रमाण पत्र दिखा सकता है।
बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन से इस तरह पहुंचें जीआईसी
दिव्यांगता शिविर के कार्यक्रम स्थल जीआईसी तक पहुंचने के लिए दिव्यांगों को सिर्फ ढाई सौ मीटर की दूरी तय करनी होगी। स्टेशन से ऑटो और रिक्शा सीधे मिलेगा। दिव्यांग शास्त्री चौराहे से होकर कार्यक्रम स्थल तक पहुंच सकते हैं। वहीं, बस स्टैंड से जीआईसी की दूरी लगभग आधा किलोमीटर है। यहां से भी कार्यक्रम स्थल तक ऑटो या ई-रिक्शा से आसानी से पहुंचा जा सकता है।