इटावा। सालों पहले बसीं शहर की करीब 10 कॉलोनियां आज भी विकास से कोसों दूर हैं। जर्जर सड़कें, टूटी नालियां और झूलते तार यहां की पहचान बन चुके हैं। करीब 25 हजार की आबादी समस्याओं से जूझ रही है। शिकायत के बाद भी जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे।
शहर के साईंनगर, ब्रह्मनगर, प्रीत बिहार, पक्का बाग, बालेश्वर, विकास कॉलोनी, एकता व न्यू एकता कॉलोनी समेत 10 से अधिक कॉलोनियों को बसे 10 साल से भी ज्यादा हो चुके हैं लेकिन आज तक विकास की किरण यहां तक नहीं पहुंची। कहीं सड़क की समस्या है तो कहीं बिजली के खंभों की समस्या से लोग जूझ रहे हैं। बारिश में इन कॉलोनियों से वाहन निकालना तो दूर पैदल चलना भी दूभर हो जाता है।
लोग गंदगी और मच्छरों के प्रकोप से परेशान हैं। एकता कॉलोनी में अधिकतर गलियां बनी ही नहीं हैं। बारिश के समय सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों और बुजुर्गों को होती है। कुछ कॉलोनियों में लोग बिजली की किल्लत से जूझ रहे हैं। खंभों की संख्या कम होने के कारण लोगों को काफी दूर तक तार दौड़ाने पड़ते हैं।
बीते दिनों सांसद की चौपाल में साईंनगर के लोगों ने अपनी समस्याओं का रखा था। एकता कालोनी निवासी शिवप्रकाश ने बताया कि पांच वर्ष पहले प्लॉट लिया था। तब से आज तक गली का निर्माण नहीं हो पाया है। मोहल्ले के अधिकतर लोगों ने खुद ही नाली का निर्माण करवाकर चबूतरे ऊंचे करा लिए। इससे आसपास के खाली प्लॉट धीरे-धीरे तालाब बनते जा रहे हैं। मोहल्ले के प्रशांत कुमार का कहना है कि अगर गली और नाली बन जाए तो जलभराव की स्थिति खत्म हो जाएगी।
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लोगों की बात
फोटो 15:::पूनम।
पक्का बाग निवासी पूनम ने बताया कि गली में जलभराव की समस्या के कारण परेशानी होती है। गलियों में गंदगी के कारण बीमारियों के पनपने का डर सताता रहता है। कई बार शिकायत के बाद भी समस्या बनी हुई है।
फोटो 16:::शहनाज।
विकास कॉलोनी निवासी शहनाज का कहना है कि गली का निर्माण न होने से आवाजाही में दिक्कतें होती हैं। कई बार आए जनप्रतिनिधियों से समस्या का समाधान करवाने के लिए गुहार लगाई लेकिन हालत नहीं बदले।
फोटो 17:::कृष्ण बल्लभ ।
प्रीत बिहार निवासी कृष्ण बल्लभ ने बताया कि कालोनी में बिजली के खंभे काफी दूर लगे हैं। इससे अधिकतर लोग काफी दूर तक केबिल की मदद से बिजली का इस्तेमाल कर रहे हैं। जगह-जगह तार झूल रहे हैं।
फोटो 18:::अनुज।
सांईं कॉलोनी निवासी अनुज कुमार का कहना है कि गली ऊबड़-खाबड़ होने से परेशानी होती है। साइकिल सवार बच्चे अक्सर गिरकर चोटिल हो जाते हैं। बारिश में तो घर से निकलना मुश्किल हो जाता है।
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वर्जन
अभी पुरानी सड़कों की मरम्मत के लिए स्वीकृति दे दी गई है। जल्द नई बनी बस्तियों की सड़कें बनवाने के लिए स्वीकृति देकर काम कराया जाएगा।
- विनय मणी त्रिपाठी, ईओ
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खंभे दूर लगे होने की जानकारी मिली है। रीवैंप योजना के तहत कराए जा रहे काम में इसे शामिल किया गया है। जल्द ही नई कॉलोनियों में खंभे लगवा दिए जाएंगे।
- श्रीप्रकाश, एक्सईएन