इटावा। प्रशासन की सख्ती के बावजूद ई रिक्शा चालकों ने बाहरी जिलों से आए परीक्षार्थियों से डेढ़ गुना तक किराया वसूला। परीक्षार्थियों ने ट्रेन पकड़ने के चक्कर में बिना किसी झंझट किए उन्हें मनमाना किराया दिया। इससे वह समय से रेलवे स्टेशन पहुंचकर ट्रेन पकड़ी। वहीं परीक्षा छूटते ही शहर में जाम के हालात बन गए।
जिला प्रशासन ने शहर के दो किमी दायरे में बने परीक्षा केंद्रों के लिए 10 रुपये व इससे अधिक दूरी पर बने परीक्षा केंद्रों के लिए 20 रुपये किराया निर्धारित किया था। शहर के जीआईसी से रेलवे स्टेशन की दूरी के लिए 10 रुपये किराया निर्धारित किया था। दोपहर 12 बजे पेपर छूटते ही ई रिक्शा चालकों की परीक्षा केंद्रों के बाद जमावड़ा शुरू हो गया। परीक्षार्थियों को जल्द-से-जल्द ट्रेन पकड़ने के लिए ई रिक्शा पकड़ना था। इसकी का फायदा उठाते हुए ई रिक्शा चालकों ने 10 रुपये की जगह परीक्षार्थियों ने 15 रुपये वसूले।
आजमगढ़ से आए विजेंद्र कुमार ने बताया कि रेलवे स्टेशन से परीक्षा केंद्र के 10 रुपये लगे थे। वापसी में उनसे 15 रुपये ई रिक्शा चालक ने लिए। इसी तरह जालौन से पेपर देने आए पंकज सिंह ने बताया कि लौटते समय उन्हें 10 की जगह 15 रुपये ई रिक्शा चालक ने रुपये मांगे। 10 रुपये देने की बात कहने पर बैठाने से मना कर दिया।
यातायात प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि किसी परीक्षार्थी की ओर से अधिक किराया लेने की शिकायत नहीं की गई। इसके बाद भी इस मामले की जांच की जाएगी, इसमें जो भी दोषी होगा, इसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।