इटावा। जिले में डेंगू ने दस्तक दे दी है, पिछले छह दिनों में जिला अस्पताल में हुई जांच में 15 मरीजों में डेंगू के लक्षण मिले हैं। शहर के मां-बेटे समेत तीन मरीज जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में भर्ती हैं। कई को सैफई रेफर कर दिया गया है।
जिला अस्पताल में 14 से 20 अक्तूबर तक डेंगू की आशंका में 24 मरीजों की खून की जांच कराई गई। इसमें 15 लोगों में डेंगू के प्राथमिक लक्षण मिले हैं। शहर के रामनगर निवासी उपासना (25) पत्नी सजवन, उनका छह वर्षीय बेटा अभि और प्रभु का अड्डा निवासी कृष्णा देवी (34) पत्नी संजीव कुमार डेंगू वार्ड में भर्ती हैं। उपासना ने बताया कि एक सप्ताह से बुखार आ रहा है। निजी अस्पताल में इलाज कराने पर आराम नहीं मिला, तब जिला अस्पताल में दिखाया। यहां खून की जांच में डेंगू बताया गया है। बताया कि तीन दिन से भर्ती हैं। प्लेटलेट्स घटकर 45 हजार रह गई है। बेटे अभि को शनिवार रात को भर्ती कराया गया था। कृष्णा देवी ने बताया कि उसे दस दिन से बुखार आ रहा है। शनिवार से यहां भर्ती हैं। प्लेटलेट्स घटकर 55 हजार रह गई है।
सीएमएस डॉ.एसएस भदौरिया ने बताया कि अस्पताल में बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। अभी तक 15 मरीजों में डेंगू के प्राथमिक लक्षण मिले हैं। जिला अस्पताल में कार्ड से जांच हुई है। आगे की जांच के लिए केस चिकित्सा विवि सैफई भेजे गए हैं। वहां से पुष्ट होने पर ही रोगी को डेंगू पीड़ित कह सकते हैं। जहां तक प्लेटलेट्स गिरने की बात है तो ये सामान्य बुखार में भी गिर जाते हैं। फिजिशियन डॉ. अजय शर्मा ने बताया कि कई मरीज ऐसे आ रहे हैं जिनमें डेंगू जैसे लक्ष्ण मिले रहे हैं। सोमवार को 105 मरीजों की जांच की, जिसमें पांच मरीजों में डेंगू जैसे लक्षण पाए गए। उनके खून की जांच कराई गई है। रिपोर्ट मंगलवार को आएगी। सीएमओ डॉ. रवींद्र यादव ने बताया कि हमें डेंगू मरीज मिलने की जानकारी नहीं है। जिला अस्पताल से जानकारी करेंगे।
करीब पंद्रह दिन पहले शहर के प्रभु का अड्डा में गंदगी के कारण बीमारी फैल गई थी। इस मोहल्ले में डेढ़ सौ से अधिक लोग बुखार की चपेट में आ गए थे। स्वास्थ्य विभाग ने शिविर लगाकर 125 मरीजों की जांच कर दवाएं बांटी थीं। इसके बावजूद नगर पालिका साफ सफाई के प्रति जागरूक नहीं हो रहा है।