इटावा-मैनपुरी रेलवे ट्रैक पर चलाई जा रही मैनपुरी डेमो पैसेंजर रेलवे के लिए घाटे का सौदा बन गई है। एक पखवाड़ा बीतने के बाद भी ट्रेन में यात्रियों की संख्या 500 तक नहीं पहुंची है। 15 दिनों मैनपुरी के लिए 20 से 30 टिकटों की ही बिक्री हुई है।
इटावा मैनपुरी ट्रैक पर पैसेंजर ट्रेन का संचालन 28 दिसंबर से शुरू हुआ था। इटावा से बाह रूट होकर आगरा जाने वाली डेमू पैसेंजर को ही आगे बढ़ाकर मैनपुरी तक दौड़ाया जाने लगा। उम्मीद थी कि शहर से मैनपुरी आने जाने लोगाें को इसका खूब फायदा मिलेगा और रेलवे को भी इससे लाभ होगा। लेकिन हुआ इसका उलट। एक भी दिन इटावा से मैनपुरी तक के 50 टिकट नहीं बिके। ड्राइवर और गार्ड खाली ट्रेन क ो ही दौड़ाकर मैनपुरी पहुंचते हैं और उधर से भी अंगुलियों पर गिनने भर के यात्रियों को लेकर इटावा लौटते हैं। इससे रेलवे को नुकसान हो रहा है।
इटावा से मैनपुरी के बीच आगरा पैसेंजर को ही 71909 डेमो पैसेंजर बनाकर दौड़ाया जा रहा है। ऐसे में ट्रेन का इटावा स्टेशन से मैनपुरी जाने का समय रात 8:45 बजे है। वहीं वापसी में 71910 डेमो पैसेंजर बनकर ये ट्रेन सुबह साढे़ चार बजे मैनपुरी से इटावा के लिए चलती है। यहां से 5 बजकर 45 मिनट पर आगरा के लिए रवाना होने का समय है। इस स्थिति में शहर से मैनपुरी जाने आने का समय ज्यादातर यात्रियों को सूट नहीं कर रहा है। रात पौने नौ बजे चलने के बाद लोगों को मैनपुरी पहुंचते 10 बज जाते हैं। वहीं भोर भी ट्रेन पकड़ने के लिए तीन बजे उठना पड़ता है। यही कारण है कि ज्यादातर लोग बस से ही सफर करना पसंद कर रहे हैं।
अप और डाउन के लिए एक ही मैनपुरी पैसेंजर होने से ट्रेन लेट हो रही है। अगर ट्रेन एक बार लेट होती है तो वह और पिछड़ती जाती है। यही कारण है कि शुरुआती एक दो दिन छोड़कर अन्य दिनों में ट्रेन कभी समय पर नहीं चली। ये ट्रेन रात एक से दो बजे के बीच मैनपुरी के लिए रवाना हुई। आधी रात में ट्रेन चलने से खाली ही दौड़ी और वापसी में भी दिन के 10-11 बजे आगरा रवाना होने पर भी ट्रेन खाली रही।
इटावा से मैनपुरी के बीच दौड़ने वाली मैनपुरी डेमो पैसेंजर शनिवार को आगरा से ही रेलवे ने रद्द कर दी। उधर रविवार को भी मैनपुरी से इटावा-आगरा के लिए पैसेंजर रद्द रही।