इटावा। उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश ने खाद्य पदार्थों की जांच प्रक्रिया में बदलाव की मांग की है। व्यापारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से एफएसएसएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को ज्ञापन भेजा है। उन्होंने खाद्य सुरक्षा नियमों को व्यावहारिक बनाने और जांच में पारदर्शिता लाने की बात कही।
व्यापार मंडल ने मिलावट करने वालों पर कार्रवाई का समर्थन किया। परंतु नियमों का पालन करने वाले व्यापारियों को बेवजह कानूनी प्रक्रिया में न उलझाने की अपील की। ज्ञापन में कीटनाशकों, रासायनिक खादों और सिंचाई के पानी की गुणवत्ता का उल्लेख था। उन्होंने खाद्य पदार्थों के मानकों की समीक्षा करने और दिशा-निर्देश जारी होने तक नमूना लेने पर रोक की मांग की।
सीलबंद उत्पादों की कमी के लिए निर्माता या पैकिंग कंपनी को जिम्मेदार ठहराया जाए। वैध बिल वाले थोक और खुदरा व्यापारियों को केवल उत्पाद में कमी के आधार पर दंडित न किया जाए। नमूना लेते समय निर्माता को सूचना देने और शिकायतों की सत्यता जांचने की मांग की गई। फर्जी शिकायतों पर कार्रवाई रोकने और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के अधिकार क्षेत्र स्पष्ट करने को कहा गया।
राजकीय जन विश्लेषक प्रयोगशालाओं से 14 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट जारी करने की मांग की गई। नमूना फेल होने पर तुरंत पुनः जांच प्रक्रिया शुरू हो। खाद्य पदार्थों को जब्त या नष्ट करने में केंद्रीय प्रयोगशाला की रिपोर्ट भी ध्यान में रखी जाए।