फोटो 31::: एसएसपी को ज्ञापन सौंपने जाते ग्राम प्रधान संगठन के पदाधिकारी। स्रोत-संगठन
इटावा। परसौली कांड में ग्राम प्रधान धर्मेंद्र यादव और उनके भाइयों के खिलाफ दर्ज मुकदमे को लेकर ग्राम प्रधान संगठन ने नाराजगी जताई है। शुक्रवार को संगठन के जिलाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह सेंगर के नेतृत्व में 50 से अधिक ग्राम प्रधानों और उनके प्रतिनिधियों ने एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और मुकदमा निरस्त करने की मांग की। एसएसपी ने सभी बिंदुओं पर जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई का आश्वासन दिया।
ग्राम प्रधान संगठन के अनुसार, दो दिन पहले परसौली गांव निवासी विशेष यादव ने ईको गाड़ी फाइनेंसर के एजेंटों द्वारा गाड़ी ले जाने से क्षुब्ध होकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद परिजनों ने ग्राम प्रधान और उनके भाइयों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कराया। इससे प्रधानों में रोष है। बृहस्पतिवार को महेवा ब्लॉक में बैठक कर थाना प्रभारी बकेवर से निष्पक्ष जांच की मांग की गई थी।
शुक्रवार को एसएसपी को दिए ज्ञापन में संगठन ने बताया कि ग्राम प्रधान और मृतक के परिवार के बीच रंजिश है। वर्ष 2021 में प्रधान पक्ष की ओर से मृतक और अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। संगठन ने आरोप लगाया कि चुनावी हार के चलते कुछ लोग मृतक के परिजनों को बरगला रहे हैं।
चकरोड का निर्माण भी वर्ष 2024-25 में मनरेगा के तहत राजस्व अधिकारियों की नापजोख के बाद कराया गया था। विकास कार्यों के दौरान प्रधान को धमकी मिलने पर एनसीआर भी दर्ज कराई गई थी। इस दौरान हरगोविंद यादव, हरगोविंद पाल, रजनीश शर्मा, कुशल पाल यादव, सुरजीत तिवारी, बंटू शुक्ला, सोनू अग्निहोत्री सहित अन्य प्रधान और प्रतिनिधि मौजूद रहे।