बैठक लेतीं डीएम श्रुति सिंह व सीडीओ
- फोटो : ETAWHA
इटावा। जिला स्तरीय अनुश्रवण एवं मूल्यांकन समीक्षा समिति की बुधवार को आयोजित बैठक में गोवंशों को गोशालाओं में न पहुंचाए जाने पर डीएम श्रुति सिंह ने नाराजगी जताई। न्याय पंचायत स्तर पर निर्मित गोशालाओं में सप्ताह भर के अंदर व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर संचालन के निर्देश दिए। जिलाधिकारी कुछ दिन पहले हुई बैठक में भी छुट्टा गोवंशों पर अफसरों की क्लास लगाई थी।
डीएम श्रुति सिंह ने बैठक में गोवंश संरक्षित किए जाने, पशुुओं के टीकाकरण हेतु वैक्सीन की मांग के लिए पत्र लिखे जाने, संरक्षित सभी गौवंश की इयरटैगिंग कराए जाने, मुख्यमंत्री निराश्रित/बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना के तहत गौवंश सुपुर्द किए जाने के निर्देश दिए।
समीक्षा में पाया कि जनपद में निराश्रित पशुओं की संख्या 10841 है, जिसमें से अब तक 5,658 गोवंश संरक्षित किए गए हैं। 5183 गौवंश अभी भी घूम रहे हैं। अफसरों के ढिलमुल रवैये को देखते हुए डीएम ने बैठक में नाराजगी जाहिर करते हुए सभी खंड विकास अधिकारियों को न्याय पंचायतों की निष्क्रिय गोशालाओं में चारा, पानी, भूसा गोदाम, चरही, बाउंड्रीवाल आदि व्यवस्थाएं दुरुस्त करा कर एक सप्ताह के अंदर संचालन करने के निर्देश दिए हैं।
डीएम ने समीक्षा में पाया कि गोवंश सहभागिता योजना के तहत 1311 गोवंशों के सुपुर्दगी लक्ष्य के सापेक्ष 656 गोवंश सुपुर्द किए गए हैं। इस पर भी नाराजगी जाहिर करते हुए शीघ्र ही लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ राजा गणपति आर, डीडीओ दीनदयाल वर्मा, परियोजना निदेशक डीआरडीए उमाकान्त त्रिपाठी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ विनीत कुमार पांडेय सहित खंड विकास अधिकारी, नगर पंचायत व नगर पालिका के अधिकारी मौजूद रहे।