कोल्ड स्टोर में पूछताछ करते एसओ बकेवर जेपी पाल।
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बकेवर। बकेवर क्षेत्र के बिजौली के पास हाईवे के किनारे कोल्ड स्टोरेज में बुधवार की रात पल्लेदार की संदिग्ध परिस्थितियों मौत हो गई। पुलिस छत से गिरकर मौत होने की आशंका जता रही है। परिजनों ने उसकी हत्या का आरोप लगाया है। कोल्ड के ठेकेदार रघुनाथ निवासी कंचौसी व दो अन्य कर्मचारियों को फिलहाल थाना पुलिस ने पूछताछ के लिए थाना पर बैठ रखा है।
सिक्स लेन हाईवे के किनारे बिजौली गांव के पास बने नारायण फ्रूट्स कोल्ड स्टोरेज में औरैया जनपद के दिबियापुर थाना क्षेत्र के ग्राम टिकियापुर का निवासी रविंद्र कुशवाहा उर्फ चिरकू पुत्र होती लाल पल्लेदारी का काम करता था। उसके गांव के और भी तीन लोग भी उसके साथ पल्लेदारी काम करते हैं। बुधवार की रात्रि में करीब 12 बजे पल्लेदार रविंद्र कोल्ड स्टोरेज के परिसर के बरामदे के पास नीचे मैदान में खून से लथपथ पड़ा था। उसके साथी रात्रि में ही उसको जिला अस्पताल ले गए। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। रविंद्र के ही गांव के साथी संदीप ने रात्रि में करीब दो बजे उसके घर वालों को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद सुबह उसके घर वाले कोल्ड स्टोरेज पहुंचे। कोल्ड स्टोरेज पर काम करने वाले सभी लोग भाग गए। भाई रमन व चाचा बेंचेलाल ने कहा कि उसकी हत्या की गई है। रात में मुर्गा बना था और शराब पी गई थी। मुर्गा खाने को लेकर झगड़ा भी हुआ था। सुबह सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष बकेवर जे पी पाल, एस आई नीतेंद्र वशिष्ठ मय फोर्स कोल्ड स्टोरेज पहुंचे। घटना स्थल पर मृतक के खून से सने एक गमछे व एक बेडशीट को अपने कब्जे में लिया। परिजनों से थाना पुलिस ने जानकारी ली। कोल्ड के ठेकेदार रघुनाथ निवासी कंचौसी व दो अन्य कर्मचारियों को फिलहाल थाना पुलिस ने पूछताछ के लिए थाना पर बैठ रखा है।
सुबह पौने दस बजे पुलिस को दी सूचना
बकेवर। रात को घटना होने के बाद भी पुलिस को सुबह पौने दस बजे सूचना दी गई। रात को न तो पल्लेदार साथियों ने घटना के बारे में पुलिस को बताया और न ही कोल्ड स्टोर मालिकों ने ही इसकी सूचना दी। पल्लेदारों का कहना है कि मालिक निखिल अग्रवाल व नेमचंद यादव को इसकी सूचना दे दी गई थी। रविंद्र को घायलावस्था में ही ठेकेदार रघुनाथ व पल्लेदार संदीप, मनोज जिला अस्पताल ले गए थे। रात दो बजे डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया था। घटना स्थल पर सुबह मुर्गा बनाने वाले बर्तन, खाने की प्लेटें और शराब की बोतलें नहीं मिलीं। ठेकेदार रघुनाथ व खाना बनाने वाले दुर्गा सिंह ने बताया कि मुर्गा बना था। खाने के दौरान शराब भी पी गई थी। खाने पीने के बाद सभी सोने चले गए।