फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इटावाः धूमधाम से मनाया जलधारा महोत्सव

विज्ञापन
श्रीजी का अभिषेक करते पीतवस्त्र धारी पुजारी। संवाद - फोटो : ETAWAH
विज्ञापन
इटावा। नशिया जी मंदिर में जलधारा महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान आचार्य सौभाग्य सागर महाराज ने कहा कि क्षमा करना ही धर्म है। जैन धर्म में क्षमा याचना की जाती है, जो क्षमा मांगता है उसे क्षमा कर दिया जाता है। कहा कि मनुष्य तन से नहीं मन से बड़ा होना चाहिए। जिसका मन बड़ा होता है, उसका भाग्य भी बड़ा होता है।
विज्ञापन

जलधारा महोत्सव आचार्य श्री 108 सौभाग सागर महाराज एवं मुनि श्री एकत्व सागर महाराज के सानिध्य में मनाया गया। भगवान महावीर की 21 फुट ऊंची प्रतिमा समेत मंदिर की मुख्य प्रतिमा भगवान पा3वनाथ पर जल धारा डाली गई। ऊपर से गिरती धार में भींगकर हजारों भक्तों ने अपने अपने पापों का क्षय किया।
इस मौके पर पालकी यात्रा श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रही। पीले वस्त्र धारी भक्तों ने श्री जी को पालकी में विराजमान करके नशियां जी जैन मंदिर से नेपाली आश्रम तक निकली। पालकी यात्रा में आचार्य सौभाग्य सागर महाराज, मुनि श्री एकत्व सागर महाराज भी शामिल रहे। पालकी यात्रा नशिया जी मंदिर पहुंची और श्रीजी को पांडुक शिला पर विराजित किया। श्रद्धालुओं ने श्री जी के दर्शन किए, पुजारियों ने श्री जी का जलाभिषेक शांति धारा एवं धूमधाम से पूजन किया।
विज्ञापन

जलधारा महोत्सव में प्रथम धारा करने का सौभाग्य डॉ. सीके जैन को मिला। 21 फुट ऊंची प्रतिमा का अभिषेक अनिल जैन, शैलेंद्र जैन, संदीप जैन, अप्पू जैन, विकास जैन, उमाकांत जैन, गौरव कांत जैन आदि को सौभाग्य प्राप्त हुआ। पंडित पुष्पेंद्र शास्त्री एवं महेंद्र कुमार जैन ने मंत्र उच्चारण के साथ जलधारा डलवाई। पूजन के बाद आचार्य श्री ने प्रवचन करते हुए कहा
मुख्य अतिथि सदर विधायक सरिता भदौरिया, विशिष्ट अतिथि समाज सेवी राम शरण गुप्ता, एमपी सिंह तोमर का मंदिर समिति अध्यक्ष संजीव जैन, महामंत्री धर्मेंद्र कुमार जैन, कोषाध्यक्ष सुभाष चंद्र जैन ने पट्टिका पहनाकर व प्रतीक चिन्ह देकर स्वागत किया। महोत्सव की व्यवस्था नशियां जी ट्रस्ट सहित सकल दिगंबर जैन समाज के हाथों में रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें