अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश गजेंद्र सिंह ने गैर इरादतन हत्या के मामले की
सुनवाई करते हुए अभियुक्त को पांच वर्ष कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही
आरोपी पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अभियोजन पक्ष के
अनुसार जसवंत नगर थाने में सुखवीर सिंह पुत्र वृंदावन निवासी डुढ़ा ने 26
जून 2013 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट में उन्होंने बताया कि बहन मीना की शादी 20 वर्ष पूर्व महिपाल सिंह पुत्र होरीलाल निवासी भावंत थाना एलाऊ मैनपुरी के साथ हुई थी। बहनोई महिपाल शराब पीकर बहन के साथ मारपीट करता था। बहनोई करीब चार माह से जसवंतनगर में किराए के मकान में बच्चों के साथ रहा था।
27 व 28 नवंबर 2012 की रात को भांजे बबली का फोन आया कि पापा ने नशे में मम्मी के सिर में ईंट मार दी जिससे वह घायल हो गई। जिसके बाद मीना को अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां 29 नवंबर 2012 को बहन की मृत्यु हो गई।
अपर जिला सत्र न्यायाधीश गजेंद्र सिंह की अदालत में सुनवाई के दौरान गवाहों के बयान व साक्ष्यों को प्रस्तुत किए जाने के उपरांत बहस के दौरान शासकीय अधिवक्ता प्रवीन कठेरिया ने अपने तर्कों के जरिए वाद को सिद्घ करने में सफल रहे। न्यायाधीश गजेंद्र सिंह ने महिपाल सिंह को दोषी करार देते हुए पांच साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई साथ ही पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।