इटावा। शुक्रवार को दूसरे दिन भी जिला अस्पताल की बिजली गुल हो गई। फीडर का तार टूटने से सीटी स्कैन, डायलिसिस व एक्सरे रुक गए। सीटी स्कैन सात घंटे बाद दोपहर करीब तीन बजे शुरू हुआ। जेनरेटर की मदद से डायलिसिस हुई। कड़ाके की ठंड में मरीजों और तीमारदारों को काफी देर इंतजार करना पड़ा।
कड़ाके के ठंंड के बीच शुक्रवार को जिला अस्पताल में लगभग 665 मरीज आए। इनमें से 50 सीटी स्कैन, 70 एक्सरे के लिए आए थे। सुबह के समय जिला अस्पताल के फीडर से जुड़ा तार टूटने से आपूर्ति बाधित हो गई। सुबह आठ बजे से शुरू होने वाला सीटी स्कैन दोपहर तीन बजे शुरू हो सका। ऐसे में मरीजों को करीब सात घंटे इंतजार करना पड़ा। लगभग 30 मरीजों का सीटी स्कैन छह बजे तक होने के बाद बचे लोगों को शनिवार को आने के लिए कहा गया। कड़ाके की ठंड के बीच लोगों को मजबूरन लौटना पड़ा।
वहींं, डायलिसिस का भी काम प्रभावित रहा। जनरेटर चलाकर 20 लोगों की डायलिसिस की गई। जबकि सामान्य तौर पर प्रतिदिन 30-35 लोगों की डायलिसिस होती है। सीटी स्कैन प्रभारी विपिन कुमार ने बताया कि शुक्रवार को फिर से तार टूटने की वजह से सीटी स्कैन कार्य लगभग पूरे दिन प्रभावित रहा। करीब तीन बजे सीटी स्कैन कार्य शुरू हुआ। करीब 50 मरीजों के सीटी स्कैन होने थे। डायलिसिस यूनिट प्रभारी पंकज ने बताया कि बिजली न होने पर जेनरेटर चलवाकर मरीजों की डायलिसिस करानी पड़ रही है। शुक्रवार को तीन बार जेनरेटर चलवाना पड़ा। जिला अस्पताल के प्रबंधक डॉ. निखिलेश कुमार के अनुसार, बिजली की समस्या होने पर तत्काल उसे दूर कराने का प्रयास किया गया।
नहीं हो सकी जांच, अब बाहर कराएंगे
एक्सरे कराने इकदिल से आए राजीव ने बताया कि बिजली गुल होने की वजह से एक्सरे नहीं हो सके। अब दोबारा कौन आएगा। अभी बाहर लैब पर जाकर एक्सरे करा लेंगे। अब लग रहा है कि फालतू में ही जिला अस्पताल आए। इससे बेहतर निजी अस्पताल में ही दिखा लेते। बसरेहर से आए रमन ने बताया कि अपने परिचित का सीटी स्कैन कराने आए हैं। नंबर भी लगा दिया है लेकिन अभी तक सीटी स्कैन कराने के लिए बुलाया नहीं गया है। अब कितनी देर में नंबर आएगा पता नहीं। लेकिन बदली की वजह से ठंड बढ़ने पर कुछ देर इंतजार करने के बाद अब लौट जाएंगे।