अनवरगंज मोहल्ले में आलम पनाह सैयद हाजी वारिस अली शाह रहमतुल्लाह अलैह का 44वां सालाना उर्स कुल फातिहा के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान काफी संख्या में जायरीन उमड़े। फातिहा में हजारों लोगों ने रो-रोकर दुआएं मांगीं।
कुल फातिहा में गैर जिलों से भी हजारों अकीदतमंदों ने हाजिरी लगाई और मन्नत मांगी। इसके बाद तबर्रुख बांटा गया। उर्स की शुरुआत सोमवार को मगरिब की नमाज के बाद हुई थी। चादर और गागर पोशी हुई।
इशा नमाज के बाद महफिले शमां सजाई गई। इसमें कव्वालों ने हाजी वारिस अली शाह की शान में कलाम पेश किए। इस दौरान वारिस पाक के चाहने वालों ने हजारों रुपये सदके में लुटा दिए।
महफिले शमां में बदायूं शरीफ से आए तसलीम आरिफ , ठाकुर अवेंद्र सिंह एवं छोटे अजीज मियां ने वारिस पाक की शान में कलाम पेश किए। कलाम सुनकर अकीदतमंद झूम उठे। सारी रात महफिल सजी रही।
कुल की फातिहा के बाद कमेटी के सदर मोहम्मद मुजीब एवं मोहम्मद नदीम ने शीरीनी बांटकर आने वाले जायरीनों का शुक्रिया अदा किया।
इस दौरान जहीर, जमालुद्दीन, अशफाक सिद्दीकी, मोहम्मद तौहीद, इरफान हुसैन करीमी, हाशिम वारसी, कफील अहमद, इदरीश ठेकेदार वारसी, जावेद वारसी, राधे वारसी, इसरार वारसी, अफसर वारसी, जावेद आलम, असफाक सिद्दीकी, सभासद निहालुद्दीन, बादशाह अली वारसी आदि कमेटी के लोग मौजूद रहे।