ताखा। कम बारिश से परेशान धान के किसानों के लिए बिजली कटौती भी बड़ी समस्या बनी हुई है। इस वजह से फसल की सिंचाई नहीं हो पा रही है।
ब्लॉक क्षेत्र में 1100 निजी नलकूप और करीब 200 सरकारी नलकूप हैं। क्षेत्र के तीन हजार हेक्टेयर जमीन पर धान की सिंचाई सरकारी और निजी नलकूपों से की जा रही है। बिजली कटौती की वजह से कई निजी नलकूप मालिक पल्ला झाड़ रहे हैं। कई पहले अपने खेत में पानी देने की बात कह देते हैं।
किसान राजेश दुबे, सोनू शर्मा, एहवरन कमर बताते हैं कि किराये पर इंजन लेकर पानी खेतों में भरते हैं। यदि दो घंटे भी बिजली सप्लाई बाधित होती है तो दोबारा खेत भरने में उतनी मशक्कत करती पड़ती है।
एडीओ कृषि ताखा बृजेश कुमार ने बताया कि क्षेत्र में निजी नलकूप, डीजल इंजन से लगभग तीन हजार हेक्टेयर जमीन में धान की रोपाई की गई है। बारिश कम हुई है। बिजली कटौती के संबंध में उनके विभाग के अफसरों से बात की जाएगी।