भरथना। बारिश के साथ चली हवाओं में तहसील क्षेत्र के लहरोई और टिकुरिया गांवों में किसानों की कमर तोड़कर रख दी। गेहूं के साथ खेतों में कटी रखी सरसों की फसल को नुकसान हुआ है। किसान मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं।
गेहूं की फसल में दाने पड़ना शुरू हुए ही थे कि बारिश के कारण फसल खेतों में बिछ गई। कोई फसल बिकने के बाद बेटी की शादी का सपना संजोए था तो कोई बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए बाहर भेजने की तैयारी कर रहा था। मौसम की मार से उनकी उम्मीदें टूट गईं। सरसों की फसल भी खराब होने से किसानों को लागत निकालना भी मुश्किल होगा। उन्हें चिंता सता रही है कि नुकसान की भरपाई कैसे होगी।
घर की मरम्मत और बेटी की शादी कैसे करेंगे
लहरोई गांव के सर्वेश कुमार ने बताया कि उन्होंने पांच बीघा में की फसल की थी। गेहूं में दाना आने लगा था। फसल देखकर लग रहा था कि इस बार अच्छा उत्पादन होगा। बेटा की शादी के लिए सोचा था कि घर की मरम्मत कराएंगे। इस साल उसकी शादी कर देंगे लेकिन बेमौसम बारिश ने सब बर्बाद कर दिया।
बच्चों के दाखिले की चिंता
लहरोई गांव के हरगोविंद ने बताया उन्होंने नौ बीघा में गेहूं की फसल की थी। सोचा था फसल अच्छी हो जाएगी तो बच्चों का शहर के अच्छे स्कूल में दाखिला करा दूंगा, लेकिन बारिश और तेज हवा ने चार बीघा फसल बर्बाद कर दी। अब तो गांव के स्कूल में ही पढ़ाना पड़ेगा।
साथियों से लिया था कर्ज
टिकुरिया (सैफी) गांव के वंशराज ने बताया कि सात बीघा खेत में गेहूं लगाया था। बारिश व तेज हवा से चार बीघा फसल खराब हो गई है। फसल में अपना बजट कम होने पर गांव के ही कुछ साथियों से कर्ज लिया था। अब वह चुकाना मुश्किल हो जाएगा।
आधी से ज्यादा फसल बर्बाद
टिकुरिया (सैफी) गांव के जितेंद्र कुमार ने बताया कि उनके पास पांच बीघा जमीन है। इस बार तीन बीघा में गेहूं की फसल की थी। सोचा था कि फसल अच्छी हो जाएगी तो घर का कुछ हिस्सा पक्का बनवा लूंगा, लेकिन अब तो घर चलाना भी मुश्किल हो जाएगा।
नुकसान का मुआवजा दिलाए सरकार
लहरोई की प्रधान स्नेहलता यादव ने कहा कि बारिश व तेज हवा से गांव के कई किसानों की गेहूं व सरसों की फसल को नुकसान हुआ है। सरकार को सर्वे कराकर मुआवजा देना चाहिए।
अभी तक टीम ने नहीं किया सर्वे
सैफी की प्रधान सरोज देवी ने बताया कि पिछले सप्ताह तेज बारिश व हवा से किसानों के खेतों में खड़ी गेहूं की फसल गिरने से नुकसान हुआ है। अभी तक राजस्व व बीमा कंपनी ने नुकसान का सर्वे नहीं किया है।
तहसीलदार अशोक कुमार सिंह ने बताया कि फसलों में आंशिक नुकसान हुआ है। अभी तक हुए सर्वे में कोई खास नुकसान नहीं मिला है। यदि किसी का ज्यादा नुकसान हुआ है तो वह कृषि उपनिदेशक के कार्यालय में अवगत करा सकता है।