इस संबंध में जानकारी देते हुए एएसपी सर्वानंद सिंह यादव ने बताया कि एसओ
बसरेहर बिजेंद्र सिंह यादव अपनी टीम के साथ अपराधियों की तलाश में गश्त पर
थे। तभी मुखबिर से सूचना मिली कि एक पल्सर पर सवार तीन युवक किसी वारदात को
अंजाम देने की फिराक में हैं।
उनकी लोकेशन लुहिया पुल के पास मिली। इस
पुलिस ने अपराधियों की घेराबंदी शुरू कर दी। पुलिस टीम पुलिया के पास
पहुंची जहां से गुजर रहे पल्सर सवारों को रूकने का इशारा किया। इस पर बाइक
सवारों ने पुलिस टीम पर फायर कर दिया।
बाद में पुलिस ने आवश्यक बल प्रयोग
कर एक बदमाश को धर दबोचा जबकि उसके दो साथी भागने में सफल रहे। पकड़े गए
बदमाश के पास से पुलिस ने एक राइफल व भारी मात्रा में कारतूस के अलावा चोरी
की एक पल्सर बाइक बरामद की है।
एएसपी ने बताया कि पूछतांछ करने पर
उसने अपना नाम प्रदीप उर्फ छोटे पुत्र भोले यादव निवासी भदामई थाना चौबिया
बताया। वह हत्या व क्राइम ब्रांच की टीम पर हमले में वांछित चल रहा था।
उसके पास से जो फैक्ट्रीमेड राइफल बरामद हुई है, उसका लाइसेंस उसने फर्जी
तरीके से मैनपुरी जिले से बनवा रखा था।
पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है
कि उसने लाइसेंस किस पते पर और कैसे बनवा लिया। बाइक पर लखनऊ का नंबर पड़ा
है। पूछताद में प्रदीप ने अपने भागे साथियों के नाम भी पुलिस को बताया है।
एएसपी ने बताया कि चार माह पूर्व क्राइम ब्रांच की टीम जब उसे पकड़ने गई थी
तो उसने टीम पर हमला बोल दिया था।
उस समय वह भाग निकला था। पुलिस लगातार
उसे पकड़ने में जुटी थी। इसके गिरोह में करीब आधा दर्जन लोग शामिल है।
पुलिस उनकी भी तलाश में जुटी है। उन्होंने पुलिस टीम का मनोबल बढ़ाते हुए
पांच हजार बतौर इनाम देने की घोषणा की।
उसे पकड़ने में एसओ बिजेंद्र सिंह
के अलावा एचसीपी रमाशंकर यादव, सिपाही शिवरतन नीरजकुमार सुखवीर सिंह व
योगेंद्र सिंह शामिल रहे।