एक व्यक्ति की मोटर साइकिल लेकर भागने वाले दो लोगों को विशेष न्यायाधीश अवधेश कुमार ने पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही पांच-पांच हजार का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर दो-दो माह की अतिरिक्त सजा सुनाई है।
इंद्रपाल सिंह यादव ने बताया कि 13 अक्तूबर 2009 को वह मोटर साइकिल से हैंवरा स्थित प्रशिक्षण केंद्र जा रहे थे। राहिन पुल से पहले दो लोग उसे धक्का देकर मोटर साइकिल छीन ले गए। मोटर साइकिल के बैग में 4500 रुपये, मोबाइल फोन तथा दस ग्राम सोने की जंजीर रखी थी। 15 अक्तूबर 2009 को घटना की रिपोर्ट चौबिया थाने में दर्ज कराई।
विवेचक के बाद तीन नंबवर 2009 को निरीक्षण करने के दौरान आरोपी उपेेंद्र उर्फ बॉबी ने बताया कि उसने मजबूरी में अपने साथी सुग्रीव उर्फ पंक्षी के कहने पर राहिन पुल के पास पुरानी मोटर साइकिल छीन ली थी। इसे बेचने सुग्रीव कहीं गया है।
साढ़े नौ साल तक मुकदमे की चली सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश अवधेश कुमार ने सुग्रीव सिंह उर्फ पंक्षी पुत्र हाकिम सिंह निवासी नगला कथूले थाना कुर्रा जनपद मैनपुरी तथा उपेंद्र उर्फ बॉबी पुत्र चंद्रभान यादव निवासी नगला फर्दपुरा थाना चौबिया जनपद इटावा को दोषी माना। दोनों को पांच-पांच साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाते हुए पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। इसे अदा न करने पर दो-दो माह की अतिरिक्त सजा सुनाई है। वादी पक्ष की ओर से मुकदमे की पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता तरुण कुमार शुक्ला ने की।