फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कत्ल से पहले बंद कर दिए गए थे हाजी अहसान के कार्यालय के सीसीटीवी

विज्ञापन
विज्ञापन
कत्ल से पहले बंद कर दिए गए थे हाजी अहसान के कार्यालय के सीसीटीवी
विज्ञापन

बिजनौर। नजीबाबाद में बसपा नेता प्रॉपर्टी डीलर हाजी अहसान व उनके भांजी की हत्या कराने में हाजी अहसान के नजदीकी प्रॉपर्टी डीलर का हाथ रहा है। किसी प्रॉपर्टी को लेकर यह हत्या कराई गई है। हाजी अहसान के एक कर्मचारी ने उनके कार्यालय के सीसीटीवी कैमरा बंद किया था। शूटरों को सूचना दी थी कि हाजी अहसान नमाज पढ़ने के बाद अपने कार्यालय में आकर बैठ गए हैं। तब जाकर शूटरों ने पिस्टल से उन पर गोलियां दागीं। पुलिस की जांच पड़ताल में यह बात निकलकर सामने आई है।
मंगलवार को नजीबाबाद में बसपा नेता हाजी अहसान व उनके भांजे शादाब की नाइन एमएम के पिस्टल से गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थीं। हाजी अहसान विवादित प्रॉपर्टी पर कब्जा लेने में माहिर थे। दिल्ली से लेकर बिजनौर व नजीबाबाद तक तमाम प्रॉपर्टी को लेकर वे विवादित रहे। कई हत्याओं में भी उनका हाथ होना किसी से छिपा नहीं है। हाजी अहसान को हत्या व अन्य अपराधों में सात मुकदमे दर्ज हैं। उन पर गैंगस्टर भी लगा था। पुलिस इस दोहरे हत्याकांड की गहराई से जांच पड़ताल में जुटी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक हाजी अहसान के शूटरों से उनका एक कर्मचारी मिला हुआ था। कर्मचारी ने ही हाजी अहसान के कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे को हत्या से पहले बंद कर दिया था। शूटरों को यह कर्मचारी ने हाजी अहसान की लोकेशन दे रहा था। मंगलवार को हाजी अहसान नमाज पढ़ने के बाद अपने कार्यालय में भांजे के साथ आ गए हैं यह बात भी कर्मचारी ने ही उनके दुश्मनों को बताई थी। तब जाकर शूटरों ने उन पर गोलियां बरसाईं। पुलिस सूत्रों की मानें तो हाजी अहसान की हत्या कराने में उनके साथ काम करने वाले नजदीकी प्रॉपर्टी डीलर का हाथ रहा है। करोड़ों की किसी बड़ी प्रॉपर्टी को लेकर यह हत्या कराई गई है। हत्या भाड़े के शूटरों से कराई है। पुलिस यह खंगालने में जुटी है कि शूटर कहां के हैं। अब तक पुलिस की जांच में शूटर बाहर के निकलकर सामने आ रहे हैं। किस प्रॉपर्टी डीलर ने हत्या कराई पुलिस उस तक पहुंचने में लगी है। पुलिस के मुताबिक हाजी अहसान का विवादित प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा था। ऐसी किसी प्रॉपर्टी को लेकर ही उनकी हत्या हुई है। शादाब को शूटरों ने इसलिए मौत के घाट उतारा कि वह हत्या का विरोध कर रहा था। एसपी सिटी लक्ष्मी निवास मिश्र के मुताबिक पुलिस इस दोहरे हत्याकांड की तह तक पहुंचने की जांच पड़ताल में जुटी है।
विज्ञापन

हाजी अहसान की शनाख्त कर बरसाई गोलियां
बिजनौर। नजीबाबाद में बसपा नेता हाजी अहसान व उनके भांजे की हत्या करने वाले शूटर हाजी अहसान को पहचानते नहीं थे। हाजी अहसान की हत्या करने से पहले दोनों शूटरों ने हाजी अहसान के बारे में जानकारी ली। तब जाकर उन्होंने घटना को अंजाम दिया। दोनों शूटरों ने काली कैप इसलिए पहन रखी थी ताकि उनके चेहरे सीसीटीवी कैमरे में कैद न हों।
विज्ञापन

दोनों शूटर काली कैप पहनकर जब हाजी अहसान के कॉम्प्लैक्स में घुसे तब उन्हें नहीं मालूम था कि हाजी अहसान कौन है और कहां मौजूद है। वह सीधे हाजी अहसान के कार्यालय से पहले एक पैथोलॉजी लैब में मिठाई का डिब्बा हाथ में लेकर जा घुसे। वहां मौजूद अंकित शर्मा से हाजी अहसान के बारे में मालूम किया। शूटरों को बताया गया कि हाजी अहसान अपने कार्यालय में आगे बैठे हैं। तब शूटर आगे गए और सोफे पर बैठे हाजी अहसान व उनके भांजे शादाब पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। घटना की सीसीटीवी फुटेज देखने से साफ लग रहा है कि शूटर हाजी अहसान को जानते नहीं थे। इसलिए वे जानकारी करने के बाद उनके कार्यालय में घुसे। घटना को अंजाम देने के बाद वहां से आराम से भागकर निकल गए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें