बकेवर थाना पुलिस ने इकनौर व परसौली गांव के बीहड़ में मुठभेड़ के बाद तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने बदमाशों के चंगुल से एक माह से अगवा युवक को बरामद किया। पुलिस को पकड़े गए बदमाशों के पास से भारी मात्रा में कारतूस व असलहों के अलावा दैनिक उपयोग की सामग्री मिली है। पुलिस ने सभी को जेल भेज दिया है।
पुलिस लाइन के मनोरंजन कक्ष में पत्रकारवार्ता में एसएसपी डॉ. राकेश सिंह ने बताया कि रविवार की सुबह बकेवर थानाध्यक्ष जेपी पाल फोर्स के साथ गश्त पर थे। उन्हें मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ बदमाश इकनौर व परसौली गांव के बीहड़ में इकट्ठा हैं।
उनके पास एक पकड़ भी है। सूचना पर थानाध्यक्ष ने फोर्स के साथ मुखबिर द्वारा बताए गए स्थान की घेराबंदी की। इसी बीच बदमाशों को पुलिस के आने की भनक लग गई। बदमाशों ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी बल प्रयोग किया और तीन बदमाशों को दबोच लिया, जबकि दो बदमाश फरार हो गए। पुलिस को वहां पेड़ से बंधा युवक मिला।
पूछताछ में उसने अपना नाम उमेश बघेल पुत्र ओमप्रकाश बघेल निवासी बाह जिला आगरा बताया। एसएसपी ने बताया कि पकड़े गए बदमाश अशोक यादव पुत्र शिवराम सिंह निवासी परसौली थाना बकेवर, शैलेंद्र उर्फ शीले पुत्र नत्थू सिंह निवासी गांव दिलीपनगर थाना बकेवर और वीरेंद्र सिंह पुत्र नारायण निषाद निवासी मड़ैया दिलीपनगर, बकेवर हैं।
इनके पास से एक तमंचा 315 बोर, दो अधिया. भारी मात्रा में कारतूस, दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद हुई है। एसएसपी ने पुलिस टीम को ढाई हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की। इस मौके पर एएसपी सर्वानंद यादव, सीओ सिटी सिद्धार्थ वर्मा भी मौजूद रहे।
वैन किराए पर लेकर किया था अपहरण
बदमाशों के चंगुल से मुक्त उमेश बघेल ने बताया कि पांच दिसंबर को शाम करीब छह बजे वह इटावा बस स्टैंड बाह पर खड़ा था। दो लोगों ने औरैया बारात जाने की बात कहते हुए उसकी मारुति वैन बुक की थी। उदी मोड़ पर उनके दो और साथी मिले। उसके बाद वह उसे लेकर इटावा नुमाइश आए।
नुमाइश में घूमने के बाद उक्त लोगों ने उसे सिगरेट पिलाई। सिगरेट नशीली थी। बाद में उन्हीं बदमाशों में एक व्यक्ति उनकी मारुति चलाकर ले गया। वह उन्हें लेकर बीहड़ में पहुंचे और उसे बंधक बना लिया। बदमाशों ने उससे साढ़े पांच लाख रुपये फिरौती का पत्र भी परिजनों के लिए लिखवाया। उसके मोबाइल से फोन करके परिजनों से पांच लाख की फिरौती मांगी। पुलिस की सक्रियता से वह बच सका।