अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट डा. विदुषी सिंह ने किशोरी के अपहरण के बाद दुष्कर्म के मामले में युवक को दोषी करार देते हुए सात वर्ष की सजा तथा दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार जसवंतनगर थाना क्षेत्र के एक मोहल्ला से एक युवक बहला फुसलाकर किशोरी को भगा ले गया था। कोर्ट का आदेश होने पर जसवंतनगर कोतवाली पुलिस ने 30 जून 2012 को रिपोर्ट दर्ज की। विवेचना के बाद पुलिस ने सुनवाई के लिए मामला अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय के यहां दाखिल किया।
बाद में यह मामला न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया। मामले की सुनवाई न्यायाधीश डा. विदुषी सिंह ने की।
पक्ष व विपक्ष की दलीलों को सुनने के बाद न्यायालय ने युवक को दोषी मानते हुए उसे सात वर्ष की सजा व दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। राज्य की ओर से पैरवी शासकीय अधिवक्ता प्रवीण कठेरिया ने की।
किशोरी को भगाने की रिपोर्ट
भरथना थाना क्षेत्र के एक गांव में पिता ने अपनी पुत्री को बहला-फुसलाकर भगाने की रिपोर्ट लिखाई है। पिता ने आरोप लगाया कि मैनपुरी का एक युवक 14 जून को उसकी 16 साल की बेटी को भगा ले गया।