पकड़े गए आरोपियों के बारे में जानकारी देते एसएसपी, साथ में उन्हें गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम।
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बसरेहर कस्बे के किराना व्यापारी बृजेश कुमार पोरवाल की हत्या उधार सामान न देने से क्षुब्ध होकर की गई थी। इस बात का खुलासा मामले में गिरफ्तार दो बदमाशों ने किया। उन्होंने बताया कि घटना में कुल सात लोग शामिल थे। पुलिस चार को गिरफ्तार कर चुकी है। जबकि मुख्य आरोपी और गैंग का सरगना सनोज और उसके दो साथी फरार हैं। पकड़े गए बदमाशों ने कस्बे में फायरिंग करने की बात भी स्वीकार की है।
बुधवार को पुलिस कार्यालय में एसएसपी एन कोलांचि ने पत्रकार वार्ता में बताया कि आरोपी जीतू यादव पुत्र राजेंद्र सिंह यादव और संजय उर्फ संजू यादव पुत्र रनवीर सिंह निवासी चकवा खुर्द थाना बसरेहर को पकड़ा गया है। गैंग का सरगना सनोज निवासी नगला देवसन थाना वैदपुरा है। सनोज किराना व्यापारी बृजेश पोरवाल से कुछ समय पूर्व डेढ़ सौ रुपये का सौदा उधार ले गया था। 17 अगस्त को दिन में वह फिर उधार सामान लेने आया था लेकिन बृजेश ने पहले पुराना हिसाब करने को कहा। इस पर सनोज काफी नाराज हुआ। उसे देख लेने की धमकी दी थी। संजू ने बताया कि इसी बात पर बृजेश को सबक सिखाने के लिए उसने अपने साथियों को फोन कर बुला लिया। शाम को सनोज, जीतू, संजू ,सत्यवीर, हडू राजू और उल्फत को साथ लेकर वहां पहुंचे और दुकान के बाहर फायरिंग कर दी। बृजेश बाहर आए तो उन्हें गोली मार दी। जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद सभी लोग भाग निकले लेकिन सत्यवीर को लोगों ने पकड़ लिया। पिटाई के बाद पुलिस को सौंप दिया। एसएसपी ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। उन्होंने बताया कि विवेचना में इस मामले को डकैती की धाराओं में तरमीम किया जाएगा। क्योंकि वारदात में पांच से अधिक लोग शामिल थे। उन्होंने बताया कि अब तक राजू, सत्यवीर, जीतू व संजू को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। मौके पर एएसपी राम किशन यादव, सीओ सैफई विनय चौहान भी मौजूद रहे।