महेवा के धर्मेंद्र तिवारी हत्याकांड में पुलिस ने छापामार कार्रवाई कर चार लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। पुलिस ने ये कार्रवाई मृतक के मोबाइल की कॉल डिटेल के आधार पर की है।
बकेवर थाना क्षेत्र के कस्बा महेवा निवासी धमेंद्र तिवारी पुत्र चंद शेखर तिवारी 2 जुलाई को अपने दोस्त की स्कूटी से इटावा आया था। शाम तक घर न लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश की। 3 की सुबह उसका शव सिविल लाइन थाना पुलिस को गांव मलूपुरा जाने वाले रास्ते पर झाड़ियों में पड़ा मिला था। उसे तीन गोली लगी थीं। पुलिस ने आधार कार्ड से उसकी शिनाख्त की। स्कूटी, मोबाइल और कागजात न मिलने पर इस बात की आशंका थी उसकी दूसरी जगह पर हत्या कर शव सिविल लाइन क्षेत्र में फेंक दिया गया है। उसकी स्कूटी रेलवे के माल गोदाम के पास मिली।
मृतक के भाई जितेंद्र ने अज्ञात लोगाें के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एसएसपी पीयूष श्रीवास्तव ने सिविल लाइन थाना पुलिस के साथ मामले का खुलासा करने के लिए क्राइम ब्रांच को लगाया था। पुलिस ने धर्मेंद्र के मोबाइल को सर्विलांस पर लगाया था। इसके अलावा उसके मोबाइल की सीडीआर निकलाकर इस बात की जानकारी हासिल की कि उसने किन-किन लोगों से बात की थी। कॉल डिटेल से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने छापामार कार्रवाई कर चार लोगों का पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। हिरासत में लिए गए लोगों में महेवा के भी हैं। सीओ सिटी शिवराज सिंह ने कहा कि मामले का जल्द खुलासा होगा।