लखनऊ से आगरा जा रही इंटरसिटी एक्सप्रेस के आरक्षित
कोच में सीट को लेकर विवाद हो गया। विवाद के बाद एकजुट हुए युवकों ने एक
यात्री की जमकर पिटाई कर दी।
वारदात को अंजाम देकर भाग रहे एक युवक
को ट्रेन में चल रहे जीआरपी एस्कॉर्ट ने दबोच लिया। बाद में उसे इटावा
जीआरपी के सुपुर्द कर दिया गया। मारपीट का शिकार हुआ युवक कैबिनेट मंत्री
से मुलाकात करके लौट रहा था।
लखनऊ से आगरा जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस के आरक्षित कोच डी-1 में जसवंतनगर क्षेत्र के गांव सिसहाट निवासी आलोक यादव पुत्र शिवकुमार यादव टीटीई के कहने पर जनरल टिकट पर लखनऊ स्टेशन से सवार हुआ। कानपुर रेलवे स्टेशन पर आरक्षित कोच में सवार हुए पांच छह युवकों का आलोक से सीट को लेकर विवाद हो गया।
पनकी स्टेशन निकलते ही उक्त युवकों ने आलोक के साथ मारपीट शुरू कर दी। झींझक स्टेशन से पहले आलोक को बेल्टों से जमकर पिटा गया। इससे उसके सिर में गंभीर चोट आई और वह लहूलुहान हो गया। उसे बचाने आए एक अन्य युवक के साथ ही मारपीट की गई।
वारदात की जानकारी होने पर ट्रेन में चल रहे एस्कॉर्ट के सिपाही राजवीर सिंह व फतेह बहादुर ने फफूंद रेलवे स्टेशन पर मारपीट करने वाले एक युवक को दबोच लिया। जबकि उसके अन्य साथी भाग निकले। कंट्रोल रूम की सूचना पर शाम करीब सवा आठ बजे ट्रेन इटावा स्टेशन पर पहुंची।
पहले से मौजूद आरपीएफ और जीआरपी के जवानों ने आरोपी युवक को अपनी हिरासत में लिया। पीड़ित आलोक यादव ने बताया वह लखनऊ कैबिनेट मंत्री से मुलाकात करने के लिए गया था। शुक्रवार को उनसे उसकी मुलाकात हुई। शनिवार को वह लखनऊ से इटावा तक के लिए ट्रेन में सवार हुआ।
उसने आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान उक्त युवकों ने गले में पड़ी उसकी सोने की जंजीर व जेब में पड़े पांच हजार रुपये भी लूट लिए। पीड़ित ने जीआरपी पुलिस को मारपीट के संबंध में तहरीर दी है।
वहीं पूछताछ में पकड़े गए युवक ने अपना नाम विजय कुमार पुत्र राजाराम निवासी रुरा, कानपुर देहात बताया। समाचार लिखे जाने तक जीआरपी एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई कर रही थी।