शहर में मंगलवार की रात एसिड अटैक से एक और युवती की जिंदगी खराब होते-होते बची। एसिड अटैक की इस घटना से एक बार फिर यह बात साबित हो गई कि जिले में तेजाब की खुलेआम बिक्री हो रही है। खुशबू कांड के बाद तेजी दिखाने वाले अफसर मामले के ठंडा पड़ने पर ढीले पड़ गए। वह टीम भी न जाने कहां चली गई जिसे तेजाब की खुलेआम बिक्री रोकने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
मंगलवार की रात युवकों ने सादिमा की जिंदगी खराब करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। बोतल भर तेजाब उसके ऊपर फेंक दिया गया। यह तो सादिमा की किस्मत थी कि सर्दी होने के वजह से शरीर पर कपड़े अधिक पहने थे। यह हमला गर्मी में होता तो सादिमा की जिंदगी पर बन आती। अफसर कुछ भी कहें लेकिन इस वारदात ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जिले में अभी भी तेजाब की बिक्री खुलेआम हो रही है। पिछले कई महीनों से किसी भी अधिकारी ने तेजाब की बिक्री रोकने के लिए कोई अभियान नहीं चलाया।
यहां बता दें कि जिले में छह माह में दो महिलाएं एसिड अटैक का शिकार हुईं। एक अगस्त की दोपहर कांशीराम कालोनी में रहने वाली खुशबू के ऊपर सिरफिरे आशिक ने तेजाब से हमला किया। इस हमले में खुशबू बुरी तरह से झुलग गई। इटावा, सैफई और लखनऊ में इलाज कराने के बाद भी अभी तक खुशबू पूरी तरह से स्वस्थ नहीं हो पाई है। 25 अगस्त को मोहल्ला साबितगंज निवासी रजिया उर्फ गुड्डो (40) पत्नी शाहिद के ऊपर तेजाब से हमला किया गया।